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बीकानेर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री  गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि ‘विकसित भारत-जीरामजी योजना’ से ग्रामीण जीवन में बड़े बदलाव आएंगे। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-जीरामजी योजना’, सिर्फ रोजग़ार का वादा नहीं, यह स्थायी आजीविका की गारंटी है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत करेगी।

खींवसर रविवार को रोड़ा और पलाना ग्राम पंचायत में आयोजित जनसुनवाई और रात्रि चौपाल के दौरान ‘विकसित भारत- जीरामजी योजना’ के प्रावधानों के बारे में जानकारी दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान और मजदूर के विकास को केंद्र में रखकर नरेगा को नए प्रावधानों के साथ प्रस्तुत किया है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से देशभर में लागू होगी।

खींवसर ने कहा कि विकसित गाँव के लक्ष्य को लेकर शुरू की गई ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का मुख्य उद्देश्य नरेगा की कमियों को दूर करना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना और राज्यों के सहयोग से इस योजना का डिजिटलीकरण करना है। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायतों का निर्माण, ग्राम पंचायतों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएँ तैयार करने का अधिकार देना और ग्रामीण सभाओं को सशक्त बनाना है।

खींवसर ने कहा कि योजना के तहत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। मजदूरी की राशि सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अपने अधिकारों की मांग के लिए एक मजबूत और वैध दस्तावेज होगा। इसके तहत स्किल डेवलपमेंट को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

इस दौरान चिकित्सा मंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। पलाना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ तथा आवश्यक मशीनरी उपलब्ध करवाने की कार्यवाही के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यहां सुविधाओं की उपलब्धता के मद्देनजर कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने प्राप्त सभी परिवादों को समयबद्ध निस्तारित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि, उपखंड अधिकारी सुश्री महिमा कसाना, जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रियंका तिलानिया, विकास अधिकारी साजिया तबस्सुम, सहायक अभियंता मुकेश आहूजा ने विकसित भारत जीरामजी योजना के विभिन्न प्रावधानों के बारे में बताया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुखराज साध के अलावा ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

रोड़ा में बड़ी संख्या में मौजूद रहे ग्रामीण

रोड़ा में आयोजित रात्रि चौपाल एवं जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत- जीरामजी योजना’ का उद्देश्य वर्ष 2047 तक ग्रामीण क्षेत्रों को पूर्णतया विकसित करना है। यह प्रधानमंत्री के दूरगामी विजन पर आधारित योजना है। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनी। उन्होंने रोड़ा के उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ‘विकसित भारत- जीरामजी योजना’ इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह अधिक पारदर्शी और तकनीकी सुदृढ़ता के साथ लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भी अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति के लिए संकल्पबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का भव्य स्वागत किया।

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