बीकानेर, आज मैं आपको बीकानेर के जाट छात्रावास की वो सुंदर तस्वीर दिखाने जा रहा हूँ जो 25 दिसम्बर 2019 तक जर्जर हालत में थी इसमे बच्चे रहते थे पर किसी प्रकार की कोई सुविधा नही थी, एक दिन मैं मेरे कुछ युवा साथियों के साथ छात्रावास में गया तब पता चला कि यहां पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए ना ही सूटेबल माहौल है ना कोई व्यस्था, बच्चों ने हमसे कहाँ की छात्रावास में ना ही टॉयलेट, बाथरूम है ना ही रहने की व्यवस्था है ना खाने की व्यवस्था है ना ही पीने के पानी की व्यवस्था है । बच्चों की मार्मिक अपील सुनकर मेरे और मेरे साथियों के मन मे एक सवाल आया कि हमारे जाट समाज के पूर्वजों ने समाज के बच्चों के रहने के लिए ये 21 कमरे बनाये थे पर आज लंबे समय के बाद देखभाल की कमी के कारण ये जर्जर अवस्था मे पहुंच गए है तो क्यों न पहले तो उन पूर्वजों के वारिशों से इनकी मरम्त के लिए अपील की जाए, तो मैंने सभी कमरों के सामने लगी नेम प्लेट की फोटो खींचकर उन पूर्वजों के वारिशों तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुचाने का प्रयास किया, फिर हमने 25 दिसम्बर 2019 को अजययोद्धा महाराजा सूरजमल जी के बलिदान दिवस पर जाट समाज के मौजिज व्यक्तियों, संस्था के ट्रस्टीयों, बुद्धिजीवियों, व्यवसायियों, कर्मचारियों व युवाओं की एक मीटिंग बुलाई जिसमे समाज के सैकड़ों सम्मानित लोग पधारे उस मीटिंग में निर्णय लिया गया कि एक पुनर्निर्माण समिति बनाकर इस छात्रावास का समाज के सहयोग से पुनर्निर्माण किया जाए और जो कमरें बने हुए है उन भामाशाहो के वारिशों से उनकी रिपेरिंग करवाने की अपील की जाए, इस अपील का सार्थक परिणाम आने लगे और स्व गोपाल जी सारण साब द्वारा बनाये गए कमरे की मरम्मत के लिए सबसे पहले श्री शंकर जी सारण ने 51000 रुपये देकर सुभ सुरुवात कि उसके बाद तो वो दिन था और आज का दिन है जाट समाज के भमाशाओं ने दिल खोलकर आर्थिक सहयोग किया जिसकी तस्वीर आपके सामने है

अब इस छात्रावास में 21 नए कमरें, लायब्रेरी बन गए है 10 नये टॉयलेट बाथरूम व मुख्यद्वार के पास एक ऑफिस व एक गार्डरूम बन गया है प्रत्येक कमरे में दो बेड, दो आलमारी, एक पंखा, दो कुर्सी एक टेबल, पानी का एक केम्पर होगा तथा प्रत्येक कमरे के बाहर बिजली का मीटर लगाया जाएगा जिसका खर्चा विद्यार्थी को वहन करना होगा, खाने के लिए मैस होगा सभी बच्चों को मैस में भोजन करना होगा जिसका कम से कम चार्ज होगा, पीने के पानी के लिए RO के साथ 250 लीटर का वाटर कूलर लगा दिया गया है काम पूरा होने के बाद बच्चों का दाखिला लिया जायेगा, दाखिले की प्रक्रिया क्या होगी ये कमेठी बैठकर तह करेगी, छात्रावास में एक वार्डन होगा तथा सिक्युरिटी गार्ड व CC TV कैमरे भी लगाये जायेंगे जिससे बच्चों की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा सके या बाहर से कोई असामाजिक तत्व तो नही आ रहे है इन सबके लिए सुव्यवस्थित तरीके से रूपरेखा बनाई जा रही है

इस कार्य को सुचारू रूप से करने केलिए सबसे बड़ा योगदान आदरणीय भीखाराम जी सांगवा साब का है इन्होंने पूरा समय देकर आज इस छात्रावास को इस मुकाम पर पहुंचाया है पुनर्निर्माण समिति सभी साथियों ने अपना योगदान दिया जिसका परिणाम आज समाज के सामने है

मेरी जाट समाज के बुद्धिजीवियों, मौजिज लोगों, सरकारी कर्मचारियों, व्यपारियों, किसानों तथा युवाओं से अपील है कि समाज की दो और धरोवर आज जर्जर हालत व व्यवस्थाओं के अभाव में बंद पड़ी है इस पर भी समाज को विचार करना चाहिए, पहली चौधरी चरणसिंह कन्या छात्रावास जो वर्षों से इंजीनियरिंग कॉलेज को किराए पर दे रखी है समाज की गाँवों से पढ़ाई के लिए आने वाली बेटियां किराए के महंगे घर लेकर रहने को मजबूर है जाट समाज के हर वर्ग के लोगों ने अपने मेहनत की कमाई का पैसा समाज की बेटियों के रहने के लिए छात्रावास के लिए दिए थे ना कि किराए पर देने के लिए… मेरी समाज से अपील है इस छात्रावास को समाज की बेटियों के लिए जल्द से जल्द खोला जाए ।

दूसरी धरोवर किसान छात्रावास, रानीबाजार, बीकानेर जो जर्जर अवस्था मे पड़ा है बीकानेर पौस इलाके में होने के बावजूद समाज उसकी अनदेखी कर रहा है यहाँ पर अच्छा छात्रावास, कोंचिंग इंस्टिट्यूट, लाइब्रेरी बनाई जा सकती है मुख्य सड़क पर कम से कम 30 दुकानें बनाई जा सकती है जिसकी आमदनी से भी भव्य इमारत का निर्माण करवाया जा सकता है वो समाज को सोचना है कि यहां क्या अच्छा हो सकता है पर इस धरोवर का सही उपयोग तो समाज हित मे होना चाहिए ।

साथियों मैंने तो मेरे मन मे जो था वो लिख दिया अब समाज इस पर कितना सीरियसली गौर करता है मेरा काम है समय समय पर समाज से अपील करते रहना, इस मुद्दे पर मैने कई बार पहले भी लिखा था और आज भी लिख रहा हूँ तथा आगे भी लिखता रहूँगा जब तक इस पर कोई सकारात्मक कार्य शुरु न हो…

सभी युवा सकारात्मक सोच वाले साथियों से अपील है मेरी इस पोस्ट को जाट समाज के प्रत्येक आदमी तक उनके विचार जानने के लिए पहुँचाओ..