











बीकानेर,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर प्रांत के कार्यवाह खीमाराम जी ने कहा है कि संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान प्रत्येक स्वयंसेवक जाति, वर्ग, छुआ-छूत व उंच नीच का भेद को दूर करते हुए हर हिन्दू तक पहुंचे तथा संघ के संदेश व कार्यों की जानकारी दें। संघ के शताब्दी वर्ष का ध्येय हिन्दू समाज मय संघ की स्थापना है।
वे रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्कण्डेय व बजरंग नगर की संयुक्त प्रमुख जन गोष्ठी में बोल रहे थे। सर्वोदय बस्ती के कृपाल भैरव मंदिर परिसर में हुई गोष्ठी में आयोजन की भूमिका महानगर सह संघ चालक दुर्गा शंकर ने रखी। गोष्ठी विभिन्न सामाजिक, स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े तथा प्रबुद्धजन उपस्थित थे। प्रबुद्धजनों ने गौ हत्या बंद करवाने, विद्यालय, महाविद्यालयों में गीता, रामचरित मानस, वेद व पुराण को पढ़ाने, राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने, शिक्षा नीति में बदलाव करवाकर उसमें स्वतंत्रता वीरों व वीरांगनाओं के चरित्र को शामिल करने, संस्कृत भाषा को देश की प्रथम भाषा बनाने सहित अनेक जिज्ञासाएं रखी, जिसका निराकरण जोधपुर प्रांत कार्यवाह सहज भाव से दिया।
जोधपुर प्रांत के कार्यवाह खीमाराम ने कहा है कि भारतीय संविधान की मूल भावना को समझे तथा प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का सही पालन करें। समाज व देश को सर्वोपरि मानते हुए सामाजिक समरसता, वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ संघ के कार्यों व गतिविधियों सनातन धर्म को आगे बढ़ाए। हिन्दुओं में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि संघ के कार्यों को कार्य व्यवहार में लाए तथा उसकी चर्चा मित्र मंडली के साथ करें। उन्होंने कहा कि भारत अनादिकाल से विश्व गुरु रहा है। सारे विश्व के ग्रंथ ग्रंथों से भारतीय धर्म, आध्यात्म, ज्योतिष, वेद, पुराणों का ज्ञान अव्वल है।
उन्होंने कहा कि जब-जब देश को आवश्यकता हुई स्वयं सेवकों ने तन, मन व धन से समर्पित भाव से आगे आकर सेवा की। स्वयं सेवकों के समर्पण से ही संघ ने जो कहा वह करके दिखाया है। संघ की शाखाओं का उद्देश्य श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण करना है। संघ नागरिकों को अच्छा बनाने का कार्य कर रहा है। व्यक्ति के शिक्षित, संस्कारित, सनातन व राष्टभक्त होने से पूरा परिवार व समाज तथाा देश अच्छा होगा। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण, स्वदेशी जागरण व नागरिक कर्तव्यों के पालन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए देश को परम वैभव तक पहुंचाने के लक्ष्य में सहभागी बनने का आव्हान किया
