













बीकानेर, कृषि आयुक्तालय, जयपुर के आदेशानुसार व अतिरिक्त निदेशक कृषि त्रिलोक कुमार जोशी व संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल के मार्गदर्शन व नेतृत्व में शनिवार को बीकानेर में अनुदानित यूरिया के गैर कृषि कार्य /औद्योगिक उपयोग डायवर्जन रोकने हेतु एक दिवसीय विशेष अभियान के तहत कृषि उर्वरक विक्रेता फर्मों का निरीक्षण आदान निरीक्षक द्वारा किया गया ताकि आगामी खरीफ सीजन के मध्य नजर किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसी क्रम में कृषि आदान निरीक्षक उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बीकानेर मुख्यालय पर कृषि आदान विक्रेता फर्मों के विक्रय परिसर एवं गोदामों का सघन निरीक्षण कर उर्वरक स्टॉक का जायजा लिया। गहलोत ने निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रेताओं को पोस मशीन एवं गोदाम में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक को दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए एवं आगामी खरीफ सीजन हेतु क्षेत्र की मांग अनुसार उर्वरकों उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी ताकि आगामी खरीफ सीजन में क्षेत्र के किसानों को समय पर मांग अनुसार यूरिया एवं डीएपी व अन्य उर्वरकों की व्यवस्था करवाई जा सके। यदि उर्वरक विक्रेताओं की पोस मशीन के उर्वरक स्टॉक एव गोदाम में उपलब्ध उर्वरक स्टॉक में अंतर पाया जाएगा उनके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल ने बताया कि जिले की ग्राम सेवा सहकारी समिति एवं क्रय विक्रय सहकारी समितियों को कृषि आदान वितरण हेतु अधिकाधिक क्रियाशील करवाया जाएगा एवं पात्र एवं इच्छुक समितियों को उर्वरक लाइसेंस जारी कर उर्वरक की आपूर्ति करवाई जाएगी ताकि स्थानीय स्तर पर ही आगामी समय में समिति के द्वारा क्षेत्र के किसानों को उर्वरकों का वितरण करवाया जा सके। बीकानेर मुख्यालय पर निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारी रमेश भाम्भू व सहायक कृषि अधिकारी राजेंद्र पहाड़िया टीम के साथ रहें।
