बीकानेर,में कोरोना काल के दौरान गांव के बेरोजगार युवकों को नशा अपने आगोश में लेने लगा है. बता दें कि श्रीगंगानगर की ग्राम पंचायत 4 जेड का 1 जैड गांव का श्मशान घाट अब नशा तस्करी का मुख्य अड्डा बन गया है,हैरान करने वाली बात तो ये है पंजाब राज्य सीमा से महज तकरीबन 4-5 किलोमीटर ही दूरी पर बसा ये गांव है. पंजाब सीमा के पास लगने के कारण नशा तस्करी का प्रभाव यहां खास तौर पर पड़ता है, श्मशान घाट जहां गांजा, स्मैक, ड्रग्स जैसे नशा लेने के कई उपकरण यहां मिले हैं.इंजेक्शन के माध्यम से लेने वाले नशे के कुछ इनपुट भी वहां मिले हैं. बता दें कि हर दिन-रात सुनसान खेतों में श्मशान घाट में कुछ वाहन आते हैं और गांव के युवकों को नशा सप्लाई करते हैं, जिसमें युवतियों के भी शामिल होने की बात भी सामने आई है. नशे का गढ़ पंजाब से लगता इस गांव पंजाब में नशे की खेप सप्लाई करने की भी अहम भूमिका निभाने की आशंका जताई जा रही है, जब इस की पड़ताल की तो मौके से गांजे की पुड़िया और इंजेक्शन यहां पाए गए. इस नशे में अपने बच्चों को पड़ता देख मां का दिल अब बैठा जाता है, ऐसे में नशे के आदी युवकों के माता-पिता को अपना ज़ीवन यापन करना अब मुश्किल हो चुका है नशे की लत ने युवकों को अब चोरी डकैती मारपीट जैसी वारदातों को अंजाम देने को मजबूर कर दिया है, नशा अब अपराध करवाने का मुख्य कारण बनता जा रहा है. श्री गंगानगर के इस इलाके में भांग की खेती भी भरपूर यहां पर देखने को मिल रही है, यही भी नशे का एक मुख्य कारण भी यही है, जब आस पास के ग्रामीणों से पूछताछ की तो ग्रामीणों ने बताया कि इस श्मशान घाट में हर रोज बहुत से युवक-युवतियां आते है और नशे का खूब लुप्त उठाते हैं. हैरान करने वाली बात तो ये है यहां करीबन एक दर्जन युवकों के साथ एक-दो युवतियां होती हैं. ऐसे में नशे की हालत में यहां युवतियों के साथ कुछ भी शर्मनाक घटना घट सकती है.बता दें कि गांव रामदेव कॉलोनी में पीने के पानी की किल्लत के चलते इस श्मशान घाट में लगे हैंडपंप पर पानी लेने आने वाली महिलाओं और युवतियों में हर वक्त डर बना रहा है. यहां के ग्रामीण काफी परेशान है, लेकिन श्रीगंगानगर पुलिस ने आज तक इस डर को खत्म नहीं किया. आए दिन ग्रामीणों को गांव और आस-पास के असामाजिक तत्व परेशान करते हैं. अब बड़ा सवाल है कि किसी के साथ दरिंदगी या कोई अनहोनी के बाद जागेगा पुलिस प्रशासन ?