Trending Now

बीकानेर,14वें दलाई लामा जेत्सुन जम्पेल न्गवांग लोबसांग येशे तेनज़िन ग्यात्सो ने अभी हाल ही में अपना 90 वां जन्मदिवस 6 जुलाई 2025 को मनाया। इस सुअवसर पर भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंकज गोयल की प्रेरणा से मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अनेक स्थानों पर स्थानीय स्तर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं इसी कड़ी में मंच की बीकानेर की स्थानीय ईकाई ने मंच के जिलाध्यक्ष दिलीप पुरी के नेतृत्व में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रोफेसर मनोज दीक्षित का आज शाल,साफा और श्रीफल अर्पित कर , माल्यार्पण सम्मान किया।
इस अवसर पर मंच के राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र कामदार के निर्देशानुसार, मंच की राष्ट्रीय पदाधिकारी सुधा आचार्य ने मंच की रीति नीति से प्रोफेसर मनोज जी दीक्षित को अवगत करवाते हुए मंच के पदाधिकारियों द्वारा बीकानेर के कोडमदेसर भैरवनाथ जी के मंदिर के सरोवर से पवित्र जल और रज (मिट्टी) ले जाकर पुर्वोत्तर में भारत तिब्बत सीमा पर स्थापित किए गए “चीन पछाड़ भैरव”की भी जानकारी दी। सुधा आचार्य ने कुल गुरु मनोज जी से महाविद्यालय से विश्वविद्यालय स्तर तक सभी जन भारत तिब्बत सहयोग मंच का मूल उद्देश्य “कैलाश मानसरोवर की मुक्ति” और “तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा” जैसे विषयों को भली भांति जान सके इस हेतु सार्थक प्रयासों में सहयोग करने का निवेदन भी किया।
कुलगुरु मनोज दीक्षित जी ने भी सकारात्मक सोच के साथ आश्वस्त किया कि कैलाश मानसरोवर को चीन के आधिपत्य से मुक्त करवाना हम सभी का नैतिक दायित्व है और प्रत्येक भारतवासी को इस हेतु सशक्त प्रयास करने चाहिए। कुलगुरु मनोज दीक्षित जी ने स्वदेशी अपनाने पर बल देते हुए यह भी कहा कि इस हेतु हम सभी को स्वयं से पहल करनी चाहिए और चीन के समान का पुरजोर विरोध भी करना चाहिए ताकि हम अपने उद्देश्य प्राप्ति में शीघ्रातिशीघ्र सफल हो सकें।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष दिलीप पुरी ने कुलगुरु मनोज दीक्षित जी के विश्वविद्यालय स्तर पर किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि “यह बीकानेर का सौभाग्य है कि आप जैसे ज्ञानवान और राष्ट्र भक्त हमारे बीकानेर विश्वविद्यालय का दायित्व संभाले हुए हैं।”
इस अवसर पर मंच के स्थानीय जिला महामंत्री नृसिंह जी सेवग, भगवती प्रसाद गौड़, युवा विभाग के जिलाध्यक्ष मुकेश बन और जिला कार्यकारिणी सदस्य गायत्री जी भी उपस्थित रहीं।

Author