










बीकानेर/मुक्ति संस्था के तत्वावधान में पाँचवे पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कारों की घोषणा कर दी गयी है । मुक्ति संस्था के सचिव कवि- कथाकार राजेन्द्र जोशी ने बताया कि इन पुरस्कारों के लिए देश भर के राजस्थानी साहित्यकारों से कथा-साहित्य की पुस्तकें आमंत्रित की गई थी । जोशी ने बताया कि राजस्थानी कथा साहित्य की अनेक पुस्तकें प्राप्त हुई थी । निर्णायक मंडल द्वारा गहन अध्ययन के उपरांत राजस्थानी महिला लेखन के लिए जोधपुर की कथाकार संतोष चौधरी की राजस्थानी कहानी संग्रह “काया री कळझळ ” पर ग्यारह हजार रुपये का राजस्थानी महिला लेखन का पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कार देने की घोषणा की गई है । जोशी ने बताया कि ग्यारह हजार रुपये का दूसरा राजस्थानी कथा पुरस्कार बीकानेर के वरिष्ठ राजस्थानी साहित्यकार भंवरलाल भ्रमर को उनके कहानी संग्रह “ऊपरलो पासो” के लिए दिया जाएगा। पांचवे पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी पुरस्कार के लिए प्राप्त पुस्तकों में कहानी, उपन्यास एवं लघुकथाओं की बेहतरीन पुस्तकें मिली थीं, जो राजस्थानी साहित्य को अन्य भारतीय भाषाओं के साथ खड़ा करती दिखाई देती हैं ।
पोकरमल राजरानी गोयल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. नरेश गोयल ने उन लेखकों के प्रति आभार व्यक्त किया है जिन्होंने संस्था के आग्रह पर पुस्तकें भेजी थीं। डॉ.गोयल ने बताया कि 11फरवरी 1972 को जन्मी संतोष चौधरी सक्रिय साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता है । पोस्ट ग्रेजुएट चौधरी पिछले दो दशक से राजस्थानी मान्यता आंदोलन से जुड़ी है , राजस्थानी कहानी संग्रह प्रकाशित हुई है।
इससे पूर्व इनका चर्चित राजस्थानी उपन्यास रात पछै परभात 2019 में और हिंदी कविता-संग्रह मेरा मौन 2018 में प्रकाशित हुए हैं ।
डाॅ. गोयल ने बताया कि 22 अक्टूबर 1946 को बीकानेर में जन्मे भंवरलाल भ्रमर राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ कहानीकार- सम्पादक है।
भ्रमर की लगभग दस से अधिक हिन्दी एवं राजस्थानी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं , गोयल ने बताया कि भ्रमर एक अनुवादक एवं आदर्श शिक्षक है।
निर्णायक मंडल में शिक्षाविद-आलोचक डाॅ.उमाकांत गुप्त, कवयित्री-आलोचक डाॅ.रेणुका व्यास ‘नीलम’ और डाॅ.नमामी शंकर आचार्य शामिल थे। डाॅ.गोयल ने बताया कि मई माह में बीकानेर में आयोजित समारोह में दोनों साहित्यकारों को पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कार अर्पित किये जाएंगे
