बीकानेर। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत आयुक्तालय काॅलेज शिक्षा ने राज्य के सरकारी महाविद्यालयों में रिक्त पड़े व्याख्याताओं के पदों को विद्या संबल योजना के माध्यम से भरने की कवायद शुरू कर दी हैं, इससे अब न केवल राजकीय काॅलेज में प्रोफेसर्स के खाली पड़े पद भर सकेंगे अपितु बेरोजगार व्यक्तियों को भी एक बारगी रोजगार मिल सकेगा साथ ही विद्यार्थियों के कक्षा शिक्षण का कार्य भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।

विदित है कि महाविद्यालय में विजटिंग फैकल्टी को लगाने के लिए चयन के मापदंड भी तय कर दिए गए हैं जिसमें स्नातक एंव स्नात्कोत्तर के प्रतिशत के आधार पर अधिकतम 46 अंक, पीएच.डी. , एम.फिल के 07 अंक नेट व सेट के 05 अंक को शोध प्रकाशन के 06 अंक, पोस्ट डाॅक्टरोल अनुभव के 10 अंक, भारत सरकार की ओर से दिए गए राष्ट्रीय पुरस्कार के 03 अंक तथा राज्य सरकार की ओर से पुरस्कृत होने पर 02 अंक दिए जायेंगें। इन सभी अकों के योग के वरीयता क्रम के आाधार पर विजटिंग फैकल्टी का चयन किया जायेगा जो पुर्णतया अस्थायी होगा क्योंकि काॅलेज में स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति हो जाने के पश्चात इन्हें हटा दिया जायेगा इसीलिए प्रति क्लास प्रति घंटे के हिसाब से फैकल्टी को पारिश्रमिक दिया जायेगा जिसमें सहायक आचार्य को 800 रूपये, सह- आचार्य को 1000 रूपयें तथा आचार्य को 1200 रूपये प्रति घंटा प्रति क्लास के हिसाब से वेतन निर्धारित होगा।

इनका कहना है-
सरकार द्वारा जारी विद्या संबल योजना मील का पत्थर साबित होगी इससे जहां एक ओर महाविद्यालय को विषय प्राध्यायक उपलब्ध होंगें वहीं दुसरी ओर शिक्षण व्यवस्था समुचित रूप से हो सकेगी। साथ ही बेरोजगार व्यक्ति को भी रोजगार मिल सकेगा।