












बीकानेर,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के अंतर्गत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई मनरेगा व्यवस्था के विरोध में मनरेगा संग्राम यात्रा लगातार दूसरे दिन चौपाल- गुवाड़ में जनसंवाद यात्रा जारी रही ।
इस यात्रा का नेतृत्व विधानसभा प्रत्याशी एवं पीसीसी महासचिव डॉ. राजेन्द्र मूँड ने किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लूणकरणसर द्वारा आयोजित इस यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों से गुवाड़ में संवाद कर नई मनरेगा नीति , केंद्र – राज्य सरकार की विफलता को रखा गया।
आज दिनांक 13-01-2026 को यह जनसंवाद यात्रा राणीसर से प्रारंभ होकर मिठडिया, फूलेजी, चकजोड़, नया खानीसर, रामसरा एवं चक असरासर गांवों से होकर गुज़री। गांव-गांव आयोजित चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर, महिलाएं नौजवान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी,पीसीसी महासचिव डॉ. राजेन्द्र मूँड ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई मनरेगा व्यवस्था का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इसमें रोजगार की “गारंटी” शब्द को ही समाप्त कर दिया गया है। कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा एक अधिकार आधारित कानून था, जिसमें काम मांगने पर रोजगार देना सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन नई व्यवस्था में इसे अधिकार से हटाकर सरकार की इच्छा और प्राथमिकताओं पर छोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव नीति और नीयत का बदलाव है, जिसका सीधा असर ग्रामीण गरीब, मजदूर और किसान पर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी सोच का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा केंद्र सरकार लोकलुभावनी बात के ज़रिए आम जनता की आर्थिक रीढ़ मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने का काम कर रही है ।
बीकानेर देहात कांग्रेस जिला महासचिव महीपाल सारस्वत ने कहा कि नए मनरेगा कानून में फसल सीजन के दौरान 60 दिनों तक काम बंद रखने का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की निरंतरता को तोड़ता है और इससे पलायन को बढ़ावा मिलने की पूरी आशंका है।
उन्होंने कहा कि यह कानून मजदूरों को ठेकेदारों और बाजार की ताकतों के भरोसे छोड़ देता है, जिससे उनकी मोलभाव करने की शक्ति समाप्त हो जाती है और वे तय बाजार मजदूरी पर काम करने के लिए मजबूर होते हैं।
सारस्वत ने कहा मनरेगा से ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाना और विकेंद्रीकरण को कमजोर करना,
गांधीवादी विचारधारा और ग्राम स्वराज की भावना का खुला उल्लंघन है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।पंचायत राज के नए परिसीमन में महाजन पंचायत समिति का गठन नहीं करना जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ है । भाजपा सरकार किसान विरोधी है ।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजय गोदारा ने कहा कि नई मनरेगा व्यवस्था ग्रामीण समाज की मूल संरचना के खिलाफ है। गांवों से रोजगार छीने जाने का सीधा असर सामाजिक संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी कानून के खिलाफ गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
इस अवसर पर केवीएसएस पूर्व चेयरमैन लाधूराम थालोड, पूर्व वाईस चेयरमैन ख्यालीराम सुथार, अर्जनसर मंडल अध्यक्ष सीताराम मेघवाल, संगठन महामंत्री मोहनलाल कुम्हार, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि रामकुमार मूँड़, ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष सुभाष स्वामी, ब्लॉक महासचिव रणजीत झोरड, ब्लॉक कांग्रेस सचिव राकेश गोदारा,प्रवक्ता बंशी हुड्डा, एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष विकास चौधरी, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव राजू बरायच, देहात कांग्रेस जिला सचिव रामप्रताप सियाग, युवा कांग्रेस पूर्व जिला महासचिव प्रभु गोदारा, मंशाराम गोदारा, किसान नेता तोलाराम गोदारा, मंडल महासचिव नरेंद्र कड़वासरा, पूर्णाराम गोदारा, आदूराम भादू, नियामत अली, हरि गोदारा, भूराराम सारण, बलवंत मूँड, दौलतराम गोदारा, प्रभुराम गाट, जसवीर गोदारा, रतीराम मूँड,जगदीश गोदारा, तेजाराम बाना, खेमाराम मेघवाल, रतीराम गोदारा, हनुमान मूँड, श्योपत शर्मा, मुकेश पहलवान, मेघाराम बेगड़, मेघाराम बाना, ग़ुलाम मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
