













बीकानेर,गौसेवा यानि साक्षात् 33 कोटि देवी-देवताओं का पूजन होता है। गौमाता केवल दूध देकर आपकी भूख को ही शांत नहीं करती बल्कि आपके पापों का क्षय भी करती है। यह उद्गार राष्ट्रीय संत सरजूदास जी महाराज ने गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत बीकानेर तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगों को शामिल किया गया है जिसमें गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गोसेवा मंत्रालय का गठन हो तथा गौहत्या पर पूर्णत: प्रतिबंध लगने की मांग रहेगी। गौसेवक शिव गहलोत ने बताया कि बीकानेर एवं आसपास क्षेत्र के सैकड़ों गौसेवकों की उपस्थिति में यह ज्ञापन दिया गया। गहलोत ने बताया कि देशभर में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत पूरे भारत की पांच हजार तहसील सहित शहर, नगर, महानगर से लाखों गौभक्तों द्वारा ज्ञापन दिया गया। शिव गहलोत ने बताया कि गो सम्मान आह्वान अभियान एक ऐसा अद्भुत आयोजन है जिसका आयोजक, संरक्षक और अध्यक्ष कोई मनुष्य नहीं बल्कि गौमाता और नंदी बाबा को माना गया है। सोमवार को बीकानेर की 9 तहसीलों से गोसेवको ने ज्ञापन दिया है. इसके साथ ही 31 हजार हस्ताक्षरों का पत्र भी भेजा गया.
इस दौरान सचिदानंद महाराज, डॉ छेलबिहारीजी, संतोषानंद महाराज, विनोद शर्मा एडवोकेट, अलका विश्नोई , शिव गहलोत, सूरजप्रकाश राव, महेंद्र किराडू, धर्मेंद्र सारस्वत, ओंकार नाथ सिद्ध, श्रवण सिंह खारा, यशविंद्र चौधरी, मोखराम धारणिया, देवकिशन चांडक, उर्मिला धारणिया, राजकुमारी पारीक, हनुमान बिश्नोई, विजय पाल विश्नोई , विनीता विश्नोई और राधा विश्नोई आदि गौसेवक शामिल रहे।
