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बीकानेर,गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय परिसर में शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देवड़ा ने ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर देवड़ा ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दी और कहा कि गणतंत्र दिवस का यह ऐतिहासिक दिवस हमें संविधान के मूल मूल्यों—न्याय, समानता, स्वतंत्रता एवं बंधुत्व की स्मृति कराता है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग, विशेष रूप से निदेशालय, राज्य की शिक्षा नीति का केंद्र है, जहाँ लिए गए निर्णय विद्यालयों, शिक्षकों, कार्मिकों तथा विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा प्रदान करते हैं, इसलिए विभाग की भूमिका सिर्फ प्रशासनिक न होकर सामाजिक एवं नैतिक दायित्व से भी जुड़ी हुई है।
निदेशक ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का हित है अतः प्रत्येक योजना, आदेश एवं निर्णय का मूल उद्देश्य विद्यार्थी कल्याण होना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था की सफलता केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं है। शिक्षक जहां शैक्षणिक विकास में योगदान देते हैं, वहीं कार्यालयी एवं गैर-शैक्षणिक कार्मिक प्रशासनिक शुचिता एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से पूरी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हैं।
कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक (शैक्षिक) राजकुमार, संयुक्त निदेशक कमला कालेर, उपनिदेशक (प्रशासन) माध्यमिक शिक्षा श्रीमती वीणा सोलंकी सहित विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

*इन कार्मिकों का हुआ सम्मान*
इस अवसर पर निदेशक ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में कार्यरत 21 कार्मिकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में पुष्कराज प्रजापत,  सुनील स्वामी, भजन लाल बिश्नोई, लियाकत समेजा, किशन पुरोहित, रेखा राठौड़, अरुण कुमार तिवाड़ी, विजय शर्मा, सीमा हर्ष, भैरू रतन छीपा, ओम प्रकाश शर्मा, राजेश कुमार मोदी, देवेंद्र पारीक, श्रवण कुमार बिश्नोई, इंद्रा व्यास, विनिता सारण, निशा सोलंकी, ज्योत्सना स्वामी, शंकर पुरोहित, आदित्य व्यास एवं  नवनीत कुमार बोहरा सम्मिलित रहे।
निदेशक ने संविधान निर्माताओं एवं राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन करते हुए ‘जय हिंद, जय भारत’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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