बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए सर्विस व्यवसाय से जुड़े भवनों, टेंट, इवेंट, लाईट, जेनरेटर, फूल, लवाजमा, बैंड, केटरिंग व हलवाई व्यवसायों को कार्य करने की छूट प्रदान करते हुए शादी समारोह में अतिथियों की संख्या व समारोह की समय सीमा बढाने बाबत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम का पत्र जिला कलक्टर मार्फ़त भिजवाया । पत्र में बताया गया कि कोरोना महामारी के कारण उक्त सभी व्यवसाय लगभग बंद होने के कगार पर आ चुके हैं और इनका आजीविका चलाना मुश्किल हो रहा है | कोरोना महामारी के कारण लगे लोकडाऊन के कारण राज्य सरकार द्वारा उक्त सभी व्यवसायों पर रोक लगा दी गयी थी और वर्तमान में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है लेकिन अभी तक राज्य सरकार द्वारा शादियों के सीजन को देखते हुए किसी भी प्रकार की घोषणा नहीं की गई है जबकि इसके विपरीत सभी प्रकार के उद्योग व व्यापारों को पूर्णतया खोल दिया गया है | राज्य सरकार द्वारा यदि इन व्यवसायों के लिए किसी भी तरह की गाइडलाइन जारी की जाती है तो उसमें शादी विवाह अथवा सामाजिक कार्यों के लिए कम से कम 200 से 300 व्यक्तियों को शामिल होने की छूट दी जाए व दांपत्य जीवन में मूहूर्त से होने वाले फेरों को देखते हुए इसकी समय सीमा भी बढाई जानी चाहिए | साथ ही गाइडलाइन के अनुसार के अनुसार शादी विवाह केंसिल होने की सूरत में आयोजनकर्ता द्वारा बूकिंगकर्ता को एडवांस राशि पूरी लौटाने या आगामी तिथि में एडवांस राशि समायोजित हेतु लिखा गया है लेकिन जिले के उपखंड कार्यालय द्वारा सम्पूर्ण राशि वापस लौटाने हेतु आयोजनकर्ता को मजबूर करते हुए भवन सीज की कार्यवाही की धमकी दी जाती है जो कि न्यायसंगत नहीं है | जबकि लोकडाऊन होने के बावजूद भी उक्त व्यवसाइयों से पानी, बिजली के बिल व नगर निगम के टेक्स भी समय पर लिए जा रहे हैं | जबकि इसके विपरीत राज्य सरकार को छोटे छोटे टेंट व सर्विस व्यवसाय से जुड़े व्यवसाइयों को राहत पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए | यदि राज्य सरकार इन सर्विस क्षेत्र से जुड़े प्रदेश के 5 लाख व्यवसाइयों की सुध नहीं लेगी तो इनके परिवार का भरण पोषण मुश्किल में आ जाएगा और भयंकर बेरोजगारी फ़ैल जायेगी |