बीकानेर। श्री कोलायत  कपिल सरोवर  के जल बहाव क्षेत्र में लगातार अवैध खनन हो रहा है स्थानीय प्रसाशन को ग्रामीणों  ने काफी बार अवगत करवाने के बावजूद खनन बन्ध नही हुवा जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश  है
श्री कपिल सरोवर के केचमेंट एरिये में हो रहे अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों ने उच्च शिक्षा मंत्री भवर सिंह भाटी को ज्ञापन सौप कर विरोध जताया
 इस सम्बंध में कोलायत के आम नागरिकों द्वारा प्रशासन को ‘कोलायत SDM’ जिला कलेक्टर’ को काफ़ी बार अवगत करवा चुके है परंतु समस्या वही की वही है…..उच्च न्यायालय जयपुर के सुओमोटो प्रकरण सख्या 11153/2011 के द्वारा मानीटरिंग कमेटी से नियमित निरीक्षण किये जाने के आदेश दिए गए  परंतु लगातार 2012 से आज तक कमेटी द्वारा बीकानेर कलक्टर और उच्च न्यायालय  को मिथ्या व झूठी  त्रेमासिक रिपोर्ट भेज रहे है !
वर्तमान में तालाब के पायतन में खनन जारी है ,उच्च न्यायालय के खनन कार्य पर  रोक के आदेश बाद भी निरन्तर खनन जारी है! यह  सम्पूर्ण रकबा कपिल सरोवर के उत्तर में स्थित जल बहाव क्षेत्र  पायतन केचमेंट है कपिल सरोवर में तीनों और वर्षा का पानी बहकर के सग्रहीत होता है कोटडी गाँव से कपिल सरोवर तक बहने वाली नदी को नहर कहते है कोटडी गाँव के पशिचम की और स्थित जल बहाव क्षेत्र जो दक्षिण की और बहकर कपिल सरोवर में आती है उशे सागलसर नदी कहते है और मढ़ ओर जागेरी के बीच की नदी को झरना नदी कहते है जिसको खनन वालो ने पूरी तरह से बन्ध करके जागेरी तालाब के पानी को रोक दिया है इन तीनो नदियों के वर्षा का पानी पायतन से होकर कपिल सरोवर में सग्रहीत होता था।
लगातार त्रेमासिक रिपोर्ट गलत जाने पर अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा औऱ तालाब का पानी रुक रहा है इस सम्बन्द्ध में ग्रामीण एडवोकेट दलीपसिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों को काफ़ी बार  अवगत करवा चुके है लेकिन समस्या वही की वही है ,मढ गांव की पलारी बिदोलाई ढेबो लाई तलाइयों के  साथ-साथ कपिल  सरोवर का जल बहाव क्षेत्र क्षतिग्रस्त हुआ है ! और जागीर तलाई के पास स्थित सागरसर नदी को शतिग्रस्त किया हुआ है माननीय उच्च न्यायालय जयपुर के पीटीसीए नंबर 111 53 / 2011 रेफरेंस मैं तहसील कोलायत के उपखंड अधिकारी के संयोजक पद के अधीन गठित कमेटी ने मौके पर नदियों का निरीक्षण नही करते हुए सिर्फ दस्तावेजों में ही झुठी त्रेमासिक की रिपोर्ट भेज रहे हैं और कपिल सरोवर के जल बहाव क्षेत्र को अवरुद्ध करने में खनन माफियाओं का सहयोग कर रहे हैं खनि अभियंता उपखण्ड अधिकारी और राजस्व तहसीलदार खनन माफियाओं से बहुत बङी बंधी बांध रखी है और अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे हैं
कोलायत के कपिल सरोवर के जल बहाव क्षेत्र से सम्बंधित आवाज उठाने वाले नागरिक की प्रशासन आवाज दबाने की कोशिस करते है एडवोकेट दलीपसिंह ने जब तालाब के केचमेंट से सम्बंधित भेजी जाने वाली रिपोर्टो का विरोध किया तो अधिकारी रंजिश रखने लग गए …और गत दिनों जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक ने कपिल सरोवर केचमेंट में अवैध खनन बंद को लेकर आदेश दिए थे…परंतु उपखंड प्रशासन इतना हावी है कि जिला कलेक्टर बीकानेर के आदेशों की अवहेलना कर रहें है..राजपुरोहित ने  उच्च शिक्षा मंत्री भवर सिंह भाटी को  को पत्र सौपकर कपिल सरोवर कोलायत के जल बहाव क्षेत्र में अवैध अनुचित मिटटी बजरी इत्यादि उत्खनन रोकने की माग की इस मौके पर  मंत्री भाटी ने उपखण्ड अधिकारी प्रदीप कुमार चाहर  ,तहसीलदार  हरि सिंह शेखावत ,वर्तधिकारी महावीर  प्रसाद शर्मा  थानाधिकारी अजय कुमार  को उच्च शिक्षा मंत्री  भवर सिंह भाटी ने अधिकारियों को निर्देश   देते हुवे  सात दिन  के अंदर अवैध खनन बन्ध करवाने को कहा  , डॉ पुरूषोतम पुरोहित ने बताया कि कपिल सरोवर यह धार्मिकस्थान है यहां सांख्य दर्शक के प्रवर्तक श्री कपिल मुनि जी यूगल्वय ऋषी ‘ चवन ऋषी’ ओर दत्तात्रे ऋषि ने यहाँ तपस्या की ओर उनकी स्मृति में यह तपोभूमि है यह तीर्थ भारत के 68 तीर्थो का गुरु है कपिलातीर्थ  छोटी काशी के रूप में  प्रसिद्ध है लेकिन अवैध खनन की वजह से धार्मिक स्थल को समस्या हो रही है
इस दौरान अमित रँगा , छगनलाल प्रजापत ,मुरलीधर सैन ,मदन सिंह राजपुरोहित , ,सवाई सिंह राजपुरोहित  ‘ कन्हैयालाल उपाध्याय ‘ अशोक कोटङी ‘ भाटी सिंह कोटङी , डॉक्टर पुरषोत्तम पुरोहित व अन्य ग्रामीण  उपस्थित रहे।
वहीं दूसरी तरफ पूर्व प्रधान भाजपा नेता जयवीरसिंह भाटी ने उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी पर खनन माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सांठ गाँठ करने का आरोप लगाया है और पवित्र कपिल सरोवर की दुर्दशा के और केचमेंट एरिया में हो रहे अवैध खनन को रोकने की नाकामी के लिए राज्य सरकार की स्थूल नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है उन्होंने कहा कि हमारी टीम के एक्टिव होने के बाद मंत्री भाटी ने महज खानापूर्ति के लिहाज के कोलायत का दौरा किया है वे अगर मुद्दे पर संजीदा होते तो कपिल सरोवर एवं अवैध खनन हो रहे केचमेंट एरिया का प्रशासनिक अमले के साथ दौर करते, सात दिन बाद फिर रिपोर्ट लेने का कहा है देखते हैं ऊंट किस करवट बैठता है, कार्यवाही शुरू हो, हालात बदले तो कुछ बात हो।