












बीकानेर,ऊपनी गांव के 4 वर्षीय मासूम रामनाथ (रामू) पर सरकारी स्कूल में आवारा कुत्ते के हमले की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। बच्चे के सिर पर गहरे घाव हो गए थे, चमड़ी नोंच ली गई, कान प्रभावित हुआ और सिर की हड्डी तक जख्म पहुंच गए थे। रेबीज वैक्सीन की तीन डोज लगने के बाद, बच्चे का इलाज **पीबीएम अस्पताल** के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में हुआ, जहां प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस जटिल सर्जरी को (मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना) के अंतर्गत पूरी तरह **निशुल्क** किया गया। प्लास्टिक सर्जन **डॉ. अजयपाल चौधरी ने **एंटीरियर स्कैल्प ट्रांसपोजिशन** एवं **पोस्टीरियर स्कैल्प रोटेशन फ्लैप** की उन्नत तकनीक का उपयोग कर सिर के बड़े घाव को सफलतापूर्वक बंद किया। यह फ्लैप तकनीक स्कैल्प (सिर की त्वचा) के आसपास के स्वस्थ ऊतकों को स्थानांतरित कर घाव को कवर करने में मदद करती है, जिससे सौंदर्य और कार्यात्मक दोनों दृष्टि से बेहतर परिणाम मिलता है।
डॉ. अजयपाल चौधरी ने बताया कि यह सर्जरी काफी जटिल थी, क्योंकि सिर के बड़े हिस्से पर गहरी चोट थी और हड्डी तक पहुंच गई थी। लेकिन टीम के प्रयासों और मा योजना की सहायता से बच्चे को कोई आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ा। अस्पताल में प्राथमिकता से उपचार दिया गया – पहले रेबीज प्रोटोकॉल पूरा किया, फिर घाव की सफाई और अंत में प्लास्टिक सर्जरी। सफल ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत स्थिर हुई और आज (मार्च 2026) उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
यह घटना न केवल आवारा कुत्तों की समस्या और स्कूल सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध उन्नत प्लास्टिक सर्जरी सुविधाओं और आयुष्मान योजना के लाभ को भी रेखांकित करती है। पीबीएम अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में ऐसी जटिल सर्जरियां अब नियमित रूप से हो रही हैं, जिससे बीकानेर संभाग के मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार मिल रहा है। बच्चे के परिवार ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार जताया है।
