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बीकानेर,निलेई,मलेशिया में आयोजित जूनियर एशियन ट्रेक साईक्लिंग प्रतियोगिता में हर्षिता जाखड़ ने प्रतियोगिता के अन्तिम दिन व्यक्तिगत परस्यूट में रजत पदक जीतकर भारत को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। जिला खेल अधिकारी श्रवण कुमार भाम्भू ने बताया कि इस इवेन्ट में उज्बेकिस्तान की खिलाड़ी स्वर्ण पदक विजेता रही। भाम्भू ने बताया कि हर्षिता जाखड़ ने इस प्रतियोगिता में कुल 2 रजत व २ कांस्य पदन जीतकर स्वर्णिम इतिहास रथा है। राजस्थान साईक्लिंग टीम की चयन समिति के सदस्य बयालाराम जाट ने बताया कि हर्षिता जाखड़ की इस उपलब्धि के कारण सम्पूर्ण राजस्थान व खेल जगत गौरवान्वित महसूस कर रहा है तथा आने वाले समय में प्रत्येक खिलाड़ी इस उपलब्धि से प्रेरणा लेंगे एवं जिसके कारण खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर होगा। इस उपलब्धि पर सरदार ओंकार सिंह, चैयरमैन सी. एफ.आई. मनींदरपाल सिंह, सेक्रेट्री जनरल सी.एफ.आई. ने कहा कि जाखड़ की इस उपलब्धि से राजस्थान ही नही बल्कि पूरा भारत गौरवान्वित हुआ है एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी तथा अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी राजेन्द्र बिश्नोई, दयालाराम सारण, पाना चौधरी, रामकरन गाट, सीनियर खिलाड़ी सावराराम, जेठाराम गाट, सुन्दर लाल बिश्नोई, हरीराम चौधरी, ओमप्रकाश गाट, रामनारायण चौधरी, श्रवण डूडी, पेमाराम महेरिया, रामप्रसाद, विजय कुमार जाट, मुनीराम गोदारा, मनोज सहू आदि खिलाड़ियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दी।

हर्षिता जाखड़ नाहरांली ग्राम, गंगानगर जिले की निवासी है। इसके पिता प्रकाश राम जाखड गांव में ही खेतीबाड़ी का काम करते है यह अपने ताऊ जी व प्रशिक्षक राकेश जाखड़ के पास पटियाला में अभ्यास करती है। राकेश जाखड़ स्वयं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी व महाराणा प्रताप अवार्डी है। वर्तमान में भारतीय रेलवे में टी.टी.ई. के पद पर कार्यरत है तथा हर्षिता जाखड़ के चाचा रामस्वरूप जाखड़ साईक्लिंग खेल कोटे से रेलवे, चाचा हरीश जाखड़ भारतीय वायुसेना तथा फूफा जी सुखचयन सहारण रेलवे में खेल कोटे से नियुक्त हुये है तथा इसका भाई आदित्य जाखड़ इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सातवे स्थान पर रहे एवं इसकी छोटी बहन अंजली जाखड भी नेशनल मेडलिस्ट है। इस तरह पूरा परिवार साईक्लिंग से जुडा हुआ है।

जिला खेल अधिकारी श्रवण कुमार भाम्भू ने बताया कि इस उपलब्धि से खिलाड़ियों में नये जोश व उमंग का संचार होगा। बीकानेर जिले में काफी समय से खिलाड़ियों की साईक्लिंग ट्रेक बनाने की मांग रही है। अगर बीकानेर में भी 250 मीटर का साईक्लिंग वेलोड्रम बनवाया जाता है तो साईक्लिंग खेल में नेशनल व एशियनशीप के अलावा ओलम्पिक में भी पदक जीतकर यहां के खिलाड़ी राजस्थान व भारत का नाम गौरवान्वित कर सकते है।

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