













बीकानेर,बीकानेर जिले की विभिन्न तहसीलों में अचानक हुई तेज आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश को लेकर जिला कांग्र्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने भेजा कलेक्टर को ज्ञापन। ज्ञापन में लिखा हैं कि खेतों में खड़ी रबी की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गईं। इस आपदा से किसानों की चार माह की मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो गई है। जिले में इसबगोल, गेहूं, जीरा, सरसों, खडवा और चना सहित अधिकांश रबी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं या खेतों में खड़ी थीं। अचानक आई तेज आंधी और ओलों ने इन फसलों को पूरी तरह नुकसान पहुंचाया हैं।
किसानों ने फसल की बुवाई और फसल पकाई तक बैंकों, सहकारी समितियों, आढ़तियों और साहूकारों से ऊंची ब्याज दरों पर ऋण लिया था। बीज, खाद, ट्रैक्टर और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद तैयार फसलें इस प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गईं, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन से मांग की है कि सर्वे के बाद प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए और फसल नुकसान का सही आकलन कर जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।
देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि बीकानेर जिले में हुई अचानक ओलावृष्टि, तेज आंधी-तूफान ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों की महीनों की मेहनत से तैयार रबी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जिससे वे गहरे आर्थिक संकट में आ गए हैं। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए तथा बिना देरी किए किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, किसानों के ऋणों में राहत प्रदान कर उन्हें इस संकट से उबारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
