बीकानेर। राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 व नियम 2003 के प्रावधानों के तहत सभी सहकारी सोसाइटियाँ वर्ष 2020-21 की ऑडिट के लिए 31 जुलाई तक ऑडिटर नियुक्त कर सकेगी। इस प्रस्ताव द्वारा सोसाइटियाँ रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान जयपुर द्वारा गठित ऑडिटर्स के तीन पैनल में से किसी चार्टर्ड एकाऊटेंट या किसी चार्टर्ड एकाऊटेंट फर्म को नियुक्त कर या सहकारी विभाग के निरीक्षकों के पैनल का विकल्प देकर इसकी सूचना जिले के रजिस्ट्रार (विशेष लेखा परीक्षक) को उपलब्ध करवाएंगी। सोसायटी की ऑडिट 30 सितम्बर तक पूर्ण करवाकर ऑडिट रिपोर्ट की एक प्रति जिले के उप रजिस्ट्रार एवं विश्ेाष लेखा परीक्षक को उपलब्ध करवानी आवश्यक होगी। सहकारी समितियों के क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी राजेश टाक ने बताया कि अप्रेल के तीसरे सप्ताह से कोविड-19 की वजह से जारी लॉकडाउन के चलते राज्य की सहकारी समितियों द्वारा ऑडिट हेतु प्रस्ताव लेने की नियत तिथि 31 मई से बढाकर 31 जुलाई की गई है। जो समिति 31 जुलाई तक ऑडिटर की नियुक्ति कर इसकी सूचना संबंधित जिले के विशेष लेखा परीक्षक को उपलब्ध नहीं करवायेगी, उस समिति की ऑडिट हेतु ऑडिटर की नियुक्ति जिले के विशेष लेखा परीक्षक द्वारा अपने स्तर से उक्त तीनों पैनल में से की जाएगी। ऑडिट हेतु प्रस्ताव को स्वयं सोसायटी द्वारा राज सहकार ऐप पर ऑनलाईन करना भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिस समिति द्वारा 30 सितम्बर तक ऑडिट पूर्ण नहीं की गई तो राजस्थान सोसायटी अधिनियम 2001 की धारा 28 के अन्तर्गत खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वारा उस समिति के संचालक मण्डल को भंग करने की कार्रवाई की जा सकेगी और ऐसे संचालक मण्डल के सदस्य अगले 6 वर्षों तक सहकारी सोसायटी का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे ।