











बीकानेर,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार राजस्थान की 8 करोड़ जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए निरंतर कार्य कर रही है। संकल्प पत्र 2023 को शासन का आधार बनाकर सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। विधानसभा में दो वर्ष का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर सरकार ने स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा की शुरुआत की है।
मीडिया संयोजक कमल गहलोत ने बताया कि शहर जिला अध्यक्ष सुमन छाजेड़ ने कहा कि सरकार ने विधानसभा में तुलनात्मक बहस की खुली चुनौती दी, लेकिन विपक्ष के किसी भी सदस्य ने तथ्यात्मक चर्चा करने का साहस नहीं दिखाया। बहस से बचने के लिए कांग्रेस ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही बाधित की। जब मुख्यमंत्री जवाब देने उठे तो कांग्रेस के सदस्य सदन छोड़कर भाग खड़े हुए।
सुमन छाजेड़ ने कहा कि संकल्प पत्र के 392 बिंदुओं में से 285 बिंदुओं (73%) पर कार्य पूर्ण हो चुका है या प्रगति पर है। वहीं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में 4148 घोषणाएं कीं, जिनमें से 2208 (53%) पूरी ही नहीं हुईं। वर्ष 2023-24 में की गई 1426 घोषणाओं में से 1142 (80%) पर कोई काम नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदहाल रही। भाजपा सरकार आने के बाद महिला अपराधों में 10 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2023 की तुलना में कुल अपराधों में 15 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। हत्या जैसे जघन्य अपराधों में 25 प्रतिशत और लूट के मामलों में 50 प्रतिशत तक कमी आई है, जो सख्त कानून-व्यवस्था का प्रमाण है।
सुमन छाजेड़ ने कहा कि मात्र दो वर्षों में 2719 बजट घोषणाएं की गईं, जिनमें 90 प्रतिशत की स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं और 80 प्रतिशत घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं या धरातल पर क्रियान्वयन शुरू हो गया है। वर्ष 2024-25 में 1277 घोषणाओं में से 45 प्रतिशत पूर्ण एवं 48 प्रतिशत प्रगति पर हैं, जबकि 2025-26 में 1442 घोषणाओं में से 23 प्रतिशत पूर्ण और 64 प्रतिशत प्रगति पर हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कांग्रेस के नेता देश का अपमान करते रहे हैं और संवैधानिक संस्थानों पर सवाल उठाते रहे हैं। भाजपा सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र पर काम करते हुए राजस्थान को विकास, सुशासन और जनकल्याण का प्रतीक बना रही है। विपक्ष केवल हंगामा कर रहा है, जबकि भाजपा सरकार जनता के बीच रिपोर्ट कार्ड लेकर जा रही है।
भाजपा सरकार का दो वर्ष का रिपोर्ट कार्ड प्रदेश की जनता के सामने कांग्रेस के कुशासन और भाजपा के सुशासन का स्पष्ट अंतर प्रस्तुत करता है।
