











बीकानेर,जिले में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्टेडियम में 29 जनवरी से 18 फरवरी तक स्वामी हो रही सेना भर्ती ( वर्ष 2025-26) की तैयारियां अंतिम चरण में है। बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू और झुंझुनूं समेत कुल पांच जिलों में सेना भर्ती के इंचार्ज कर्नल अंकुर कुमार ने बताया कि सेना भर्ती रैली को लेकर जिला प्रशासन के साथ मिल कर पिछले चार महीनों से तैयारियां की जा रही है। तैयारियां अब अंतिम चरणों में है। भारतीय सेना के महानिदेशक भर्ती (डीजीआर) के नवीनतम प्रोटोकॉल और निर्देशों के अनुसार तैयारियां की गई है। उम्मीदवारों को भर्ती संबंधी परीक्षाओं के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाएगा।
भर्ती स्थल पर सुरक्षा और अनुशासन
कर्नल अंकुर कुमार ने बताया कि भर्ती स्थल और आसपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रवेश द्वार से लेकर परीक्षा स्थल तक हर जगह सेना और पुलिस बल तैनात रहेंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं और सभी प्रतिभागियों को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया
कर्नल ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी है। किसी भी प्रकार के अनुचित प्रभाव, रिश्वत या बिचौलियों के माध्यम से चयन संभव नहीं है। उन्होंने उम्मीदवारों को हिदायत दी है कि वे किसी भी व्यक्ति के बहकावे में न आएं और यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत सेना भर्ती कार्यालय या निकटतम पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
फिटनेस और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी
कर्नल अंकुर कुमार ने बताया कि उम्मीदवारों का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होना आवश्यक है। सेना में चयन के लिए ईमानदारी, अनुशासन और कड़ी मेहनत अनिवार्य हैं। उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया से पहले पर्याप्त अभ्यास करने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई।
रैली ग्राउंड में पहुंचने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण बातें
कर्नल अंकुर कुमार ने बताया कि उम्मीदवारों को अपने व्यक्तिगत प्रवेश पत्र में दिए गए कार्यक्रम के अनुसार दस्तावेजों के साथ रैली स्थल पर पहुंचना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर पहुंचने वाले उम्मीदवारों का ही वेरिफिकेशन किया जाएगा। अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शारीरिक फिटनेस परीक्षण (पीएफटी) है। इस चरण में, उम्मीदवारों को चार मुख्य परीक्षणों 1.6 किलोमीटर की दौड़,ज़िग-ज़ैग संतुलन,खाई में कूदने की क्षमता और चिन-अप्स से गुजरना पड़ता है।
शारीरिक दक्षता परीक्षा उतीर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही अगले चरण में जाएंगे
कर्नल ने बताया कि शारीरिक फिटनेस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों के लिए अगला चरण शारीरिक माप परीक्षण (पीएमटी) होगा , जिसमें उनकी ऊंचाई, वजन और छाती का माप लिया जाएगा और निर्धारित मानकों के अनुसार उसकी जांच की जाएगी। इसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन होगा, जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी।इन चरणों में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को चिकित्सा परीक्षा के लिए एक टोकन पर्ची प्रदान की जाएगी, जो अगले दिन उनके लिए आयोजित की जाएगी। जबकि अगले दिन, नए उम्मीदवारों के दूसरे बैच को उनके निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जमीनी परीक्षणों से गुजरना होगा।
प्रथम दिन का कार्यक्रम
सभी पांच जिलों के उम्मीदवार 29 जनवरी को अग्निवीर ट्रेड्समैन श्रेणी के लिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए आवश्यक दिशानिर्देश वेबसाइट और एडमिट कार्ड के माध्यम से पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
क्या है अग्निपथ योजना
कर्नल अंकुर कुमार ने बताया कि अग्निपथ योजना युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में अल्पकालिक सेवा का अवसर प्रदान करती है। इस योजना के तहत चयनित उम्मीदवारों को चार वर्षों तक सेवा करनी होगी, जिसके दौरान उन्हें उत्कृष्ट वेतन, भत्ते और प्रशिक्षण प्राप्त होगा। सेवा पूरी होने पर एकमुश्त वित्तीय सहायता (सेवा निधि) और कौशल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। यह योजना युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति को बढ़ावा देती है।
