













बीकानेर,संगीत कला केंद्र गंगा शहर बीकानेर में संगीत,कला , संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के अवदान हेतु अभिनंदन कार्यक्रम बीकानेर संगीत प्रशिक्षण संस्थान व बागेश्वरी साहित्य कला सांस्कृतिक विरासत संस्था बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान मेंआयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ नरेन्द्र शर्मा विभागाध्यक्ष भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत महाविद्यालय अल्मोड़ा देहरादून को उनकी संगीत के क्षेत्र में किए अवदान हेतु संगीत शिरोमणि अलंकरण, श्रीमती मंजू शर्मा प्रधान संपादक भोर का तारा देहरादून को जन- जन तक संगीत पहुंचाने हेतु लोक चेतना सम्मान डॉ पुखराज शर्मा बीकानेर को राजस्थानी लोक संस्कृति के उन्नयन संरक्षण व 30 दशक तक बीकानेर परिक्षेत्र में उदात्त सेवा को दृष्टिगत रखते हुए संगीत रत्नाकर सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम के अंर्तगत संस्थान के अध्यक्ष डालचंद शर्मा ने आये अतिथियों का शब्दों से सम्मान किया।
अहमद बशीर सिसोदिया प्राचार्य बीकानेर संगीत प्रशिक्षण संस्थान ने वर्तमान समय में आधुनिक कथित सोशल मीडिया के युग में संगीत विषय पर जोर देते हुए बताया कि आज गुरु शिष्य परंपराजरुरी है ताकि नैतिक मूल्यों का संरक्षण हो सके। देश के लिए भावी कर्णधार संगीत और संस्कृति पर ही अवलंबित है।
कार्यक्रम में ही बागेश्वरी साहित्य कला सांस्कृतिक विरासत संस्था के अध्यक्ष अब्दुल शकूर बीकाणवी ने कहा कि संगीत वह विषय है जहां साधना है, अनुशासन है,संयम,तप आदि आगे चलकर ऐसे ही छात्र, छात्राएं राष्ट्रीय संसाधन के रुप में तैयार हो अपनी सेवा, समर्पण समानुभूति से देश का गौरव बनते हैं।
डॉ चंद्रशेखर सांवरिया ने संस्कार, निर्माण,गुरु भक्ति पर बोलते हुए छात्र छात्राओं को विनीत भाव, विनम्र रहने की बात कही।
कार्यक्रम में गोपिका सोनी, डॉ ओम प्रकाश शर्मा,महेश शर्मा, उस्ताद गुलाम हुसैन, बॉलीवुड संगीतज्ञ छोटूखां, रमण सांखला सहित अनेक संगीत सुधीजन, मर्मज्ञ संगीत विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था प्रधान ने आभार ज्ञापित किया।
