








बीकानेर,पावरग्रिड ने नोखा उपखंड के गांव भादवा से सीकर बिजली की लाइनें डालने व टावर लगाने के लिए किसानों से जमीन अवाप्त की थी। इनमें सुशीला देवी पारख की जमीन भी नागौर रोड हाईवे पर एलिशियन होटल के पास औद्योगिक सह वाणिज्य भूमि थी। पावरग्रिड अधिकारियों ने बिना सूचना दिए सुशीली देवी की जमीन पर विद्युत लाइन खींचकर टावर लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया। सुशीला देवी और उनके परिजनों ने विरोध किया तो पावरग्रिड अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आपको अच्छी डीएल सी रेट दे देंगे। अफसरों के आश्वासन पर सुशीला देवी और उनके परिजन विरोध खत्म कर दिया। इसके बाद कई बार पावरग्रिड अफसरों से संपर्क तो वह झांसे देते रहे। इसके जब पावरग्रिड के नोखा स्थित उनके ऑफिस गए तो पता चला कि यहां से ऑफिस कहीं और शिफ्ट कर दिया गया। पावरग्रिड अफसरों की इस नादरशाही से आहत सुशीला देवी पारख ने उनके खिलाफ पीएमओं में शिकायत दर्ज कराई है,वहीं ज्ञापन की प्रति नोखा उपखंड अधिकारी को भी सौंपी है। ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि पारवग्रिड के अफसरों ने नादरशाही दिखते हुए हमारी खातेदारी की करोड़ों रुपये की जमीन खराब कर दी और भुगतान भी हड़प गये। पावरगिड अफसरों की इस नादरशाही से आहत सुशीला देवी और उनके परिजन दर-दर की ठोकरें खा रहे। उन्होने चेतावनी दी है कि अगर जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिला तो आमरण अनशन करने से पीछे नहीं हटेगें।
