
बीकानेर,जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्री पार्श्वचन्द्रसूरि गच्छ की साध्वीश्री मरुतप्रभा की स्मृति में आसानियों के चौक के रामपुरिया मोहल्ले के श्री पार्श्वचन्द्रगच्छ बड़ा उपासरा में शनिवार से पांच दिवसीय (पंचान्हिका महोत्सव) साध्वीश्री पद्मप्रभा व सुवर्ताश्री के सान्निध्य में होगा। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन पूजा, शाम को भक्ति संगीत संध्या व धार्मिक नाट्यों की प्रस्तुति होगी।
श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्री पार्श्वचन्द्र सूरि गच्छ के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार रामपुरिया ने बताया कि पूजन विधि विधान का कार्य संघ के सुश्रावक (आई.पी.एस.), डी.सी.पी.दिल्ली पुलिस, राजा बांठिया, सुश्रावक प्रमोद गोलछा व सौरभ गोलछा करवाएंगे। उन्होंने बताया कि शनिवार को सुबह सवा आठ बजे कुंभ, दीपक स्थापना व ज्वारा रोपण व दोपहर पौने एक बजे भक्तामर महापूजन होगा। पूजन व कुंभ आदि स्थापना के लाभार्थी श्रीमती लूणी देवी, सुन्दलाल, धनपत सिंह, शिखर चंद बांठिया व पूजा के लाभार्थी प्रकाशचंद, तारादेवी, सुपार्श, हंसराज व पदम बांठिया परिवार होंगे।
श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्री पार्श्वचन्द्र सूरि गच्छ के सचिव प्रताप रामपुरिया ने बताया कि रविवार को सुबह सवा आठ बजे नवगृह पूजन सुश्रावक बंशीलाल, प्रताप कुमार व मधुदेवी रामपुरिया परिवार की ओर से दश दिगपाल पूजा प्रकाशचन्द्र, राजेश कुमार, मनीष राखेचा परिवार की ओर से, अष्ट मंगल पूजन के लाभार्थी त्रिभुवन, अरुण व राजीव रामपुरिया परिवार है। दोपहर पौने एक बजे सिद्धचक्र महापूजन होगा जिसके लाभार्थी नेमचंद संजय कुमार रामपुरिया परिवार होंगे। सोमवार को सुबह नौ बजे श्री 108 पार्श्वनाथ महापूजन, मंगलवार को सुबह नौ बजे दादा गुरुदेव श्री पार्श्वचन्द्र सूरि का महापूजन होगा। पूजा के लाभार्थी त्रिलोकचंद, हीरालाल, पारसमल, रविन्द्र कुमार रामपुरिया परिवार होगा। उन्होंने बताया कि 22 नवम्बर को सुबह नौ बजे श्रीवृहद शांति स्नात्र महापूजन होगा। इसके लाभार्थी लूणीदेवी, सुन्दरलाल, धनपत सिंह व शिखर चंद बांठिया परिवार होंगे। भक्ति संगीत संध्या व नाट्य प्रस्तुतियां भगवान श्री महावीर जिनालय परिसर में होंगी। सभी कार्यक्रमों के श्रीसंघ व पार्श्वचन्द्रगच्छ महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
रामपुरिया ने बताया कि गच्छवरिष्ठ महोपाध्याय भुवनचन्द्र जी महाराज की आज्ञानुवर्ती, साध्वीश्री पद्मप्रभा श्रीजी की शिष्या साध्वीश्री मरुत प्रभाश्रीजी ने 25 नवम्बर 1984 को दीक्षा ग्रहण की। उन्होंने अनेक तपस्याएं की तथा देश के विभिन्न इलाकों में पैदल विहार करते हुए देव, गुरु व धर्म की प्रतिष्ठा की। सांसारिक रूप् से कोलायत के झझू गांव की साध्वीश्री मरुत प्रभा ने 37वर्ष 9 माह धर्मनिष्ठा भाव से निभाते हुए 30 अगस्त 2022 को अरिहंत शरण हो गई थीं।