












बीकानेर,कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य प्रोफेसर राजेंद्र पुरोहित ने विद्यार्थियों को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता के महत्व को बताया और विद्यार्थियों को महाविद्यालय में अनेक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए एक मंच की उपयोगिता को समझाया । समाज और देश की तत्कालीन समस्याओं पर अपने विचार खुलकर रखने की बात कही ।
प्रभारी प्रोफेसर बिंदु भसीन ने कहा कि वाद विवाद का मतलब केवल बोलना ही नहीं है अपितु सुनने ,सोचने और सम्मान पूर्वक असहमति व्यक्त करने की क्षमता विकसित करना है और इससे विद्यार्थियों की तार्किक और लोकतांत्रिक सोच को भी दिशा मिलती है।
निर्णायकों की भूमिका में प्रोफेसर प्रेरणा माहेश्वरी, प्रोफेसर मैना निर्माण और डॉक्टर अनिता गोयल रहीं।
वाद -विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रामचंद्र भार्गव , द्वितीय स्थान पर संजू कँवर और तीसरे स्थान पर भव्य राजवी रहे। काव्य पाठ में प्रथम स्थान जसोदा सिद्ध ने, द्वितीय स्थान महेंद्र ने और तृतीय स्थान ख्वाहिश खान ने प्राप्त किया । प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और मोमेंटो प्रदान किए गए।
