










बीकानेर,रानी बाजार स्थित रिद्धि-सिद्धि पैलेस शनिवार को महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बना, जहां महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नंदलाल जोशी चेरिटेबल फाउंडेशन द्वारा प्रज्ञा रत्न अवार्ड 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीकानेर में लंबे समय से महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रहे 14 महिला संगठनों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 30 प्रतिभाशाली महिलाओं को एक ही मंच से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान पूरे परिसर में तालियों की गूंज के साथ महिला शक्ति के सम्मान का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि मंच पर पुरुष अतिथियों की उपस्थिति के बावजूद कार्यक्रम का केंद्र पूरी तरह मातृ शक्ति रही और महिलाओं ने समाज में आ रही चुनौतियों, संघर्षों तथा उपलब्धियों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव न्यायाधीश मांडवी राजवी, भूप्रबंधन अधिकारी सवीना बिश्रोई, बीटीयू की रजिस्ट्रार रचना भाटिया, उद्यमी बसंत नौलखा, देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत, युवा उद्यमी मुदित खंजाची, उद्यमी विनोद गोयल, साहित्यकार राजेन्द्र जोशी, जयपुर से आई स्नेहलता भारद्वाज, स्वाति पारीक और मधु खत्री ने सम्मानित प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में यशु जैन, उर्वशी जैन व डॉ सुनीता बिश्नोई का भी विशेष सहयोग रहा।
बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार आरएएस रचना भाटिया ने अपने जोशीले उद्बोधन में कहा कि आने वाला समय नारी शक्ति का है, इसलिए महिलाओं को अपनी बात पूरी मुखरता से रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरुषों के साथ बराबरी का रिश्ता आदर और प्रेम के साथ होना चाहिए, तभी महिलाएं अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगी। साथ ही उन्होंने रूढ़िवादी सोच को बदलने के लिए महिलाओं से आगे आने का आह्वान किया।
जयपुर से आई मोटिवेशनल स्पीकर स्नेहलता भारद्वाज ने कहा कि जीवन में संघर्ष हर किसी के सामने आता है, लेकिन धैर्य और साहस के साथ उसका सामना करने वाली महिलाएं ही समाज को नई दिशा देती हैं। वहीं भूप्रबंधन अधिकारी सवीना बिश्रोई ने महिलाओं की शिक्षा को सशक्त समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि शिक्षित महिला ही अपने सपनों को साकार कर सकती है।
इससे पूर्व नंदलाल जोशी चेरिटेबल फाउंडेशन के अनिल जोशी ने संस्था की गतिविधियों और कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक रविन्द्र हर्ष ने बताया कि समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है, जो महिला सम्मान की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सह-संयोजक ज्योति प्रकाश रंगा ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और उनका कार्य स्वयं उनकी पहचान बन रहा है।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन रविन्द्र हर्ष और ज्योति प्रकाश रंगा ने संयुक्त रूप से किया, जबकि अंत में आभार फाउंडेशन की निदेशक पूजा आचार्य ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उद्यमी रामरतन धारणिया, डॉ. मीना आसोपा, डॉ. विजयलक्ष्मी व्यास, राजकुमारी व्यास, कविता वर्मा, कोमल सिद्ध, यामिनी जोशी तथा साहित्यकार राजेन्द्र जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर लेखक सुशील छंगाणी की पुस्तक “आधी दुनिया का पूरा सच” का विमोचन भी किया गया।
प्रज्ञा रत्न अवार्ड से सम्मानित महिला संगठन:
नारी शक्ति महिला संगठन, सखी ग्रुप, एनएसएस महारानी कॉलेज, सेवा आश्रम, अग्रवाल चेतना समिति, रोटरी आध्या, सुदर्शना नगर महिला विकास समिति, मानवाधिकार सुरक्षा संघ, लाइनेस क्लब, मीरा सखी, विजयवर्गीय चेतना समिति, सखी संस्कार म्यूजिक एवं महिला सुरक्षा ग्रुप बीकानेर, प्रवीर योगासना स्पोर्ट्स अकादमी एवं ध्यान केन्द्र तथा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान।
प्रज्ञा रत्न अवार्ड से सम्मानित प्रतिभाएं:
आरएएस सवीना बिश्नोई, आरएएस रचना भाटिया, आरएएस आकांक्षा, थानाधिकारी कविता पूनिया, थानाधिकारी सविता डाल, थानाधिकारी सुमन शेखावत, डूंगर कॉलेज सह-आचार्य अनिला पुरोहित, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मांडवी राजवी, सह-आचार्य सोनू शिवा, जीतो महिला संगठन चेयरपर्सन ममता रांका, डॉ. स्वाति फलोदिया, मोटिवेशनल स्पीकर स्नेहलता भारद्वाज, बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रेक्षा, इंटरनेशनल शूटिंग पदक विजेता शिक्षा सारण, देवस्थान उपायुक्त सोनिया रंगा, प्राचार्य निर्मला चौधरी, मिस मरवण हर्षिता मारू, डॉ. मोनिका रंगा, डॉ. हर्षिता पुरोहित, अभिनेत्री चारू आसोपा, सीओ कनिका बजाज, प्राकृतिक चिकित्सक तान्या जयसवाल, घरेलू उत्पादक मनीषा मोदी, युवा उद्यमी एकता अरोड़ा, पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित, सामाजिक कार्यकर्ता बिन्दु गुप्ता, गोल्ड मेडलिस्ट संगीता मूंड, एडवोकेट सकीना, वंदना अरोड़ा तथा शिक्षाविद अलका डोली पाठक।
