











बीकानेर,जयपुर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में सभी पात्र आवेदनकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि खाद्य सुरक्षा पोर्टल 26 जनवरी 2025 को खोला गया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक रामस्वरूप लाम्बा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सीलिंग सीमा 4,46,61,960 निर्धारित की गई है। इस सीमा के अनुसार उपलब्ध रिक्त स्थानों के विरुद्ध वंचित पात्र लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किये जाने हेतु कार्यवाही जारी है।
इससे पहले सदस्य लाम्बा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत नवीन अथवा वंचित पात्र एवं जरूरतमन्द परिवार, व्यक्तियों का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ने हेतु 26 जनवरी 2025 से पोर्टल खोला गया है। तत्पश्चात् विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद में 12 फऱवरी 2026 तक ब्लॉक/नगरपालिका में कुल 3,457 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिनमें से 2,437 आवेदन स्वीकार किए गये तथा 137 आवेदन निरस्त किए गये।
गोदारा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने हेतु निर्धारित मापदण्ड “राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 की अनुसूची-1” में निष्कासन मानदण्डों के अन्तर्गत होने एवं समावेशन श्रेणी के दस्तावेजों के अभाव में आवेदन निरस्त किए गये।
विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद में उक्त योजनान्तर्गत स्थिति 12 फरवरी 2026 अनुसार 221 आवेदन लम्बित हैं, खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने हेतु निर्धारित मापदण्ड ‘’राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 की अनुसूची-1’’ में उल्लेखित 32 समावेशन श्रेणियों में से किसी भी एक श्रेणी की पात्रता होने एवं निष्कासन मानदण्डों के अन्तर्गत नहीं आने पर लम्बित आवेदनों का नियमानुसार निस्तारण जारी है। उन्होंने उन्होंने ब्लॉक -नगरपालिकावार आवेदनों का विवरण सदन के पटल पर रखा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित
सामाजिक न्याय एवं संवेदनशील समाज का एक उत्तम प्रतीक बनकर उभरा गिव अप अभियान: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री
खाद्य सुरक्षा से जुड़े 75 लाख से अधिक वंचित पात्र
मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना से आमजन को मिल रही राहत
जयपुर, 24 फ़रवरी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के दिशा निर्देशों की पालना में अधिक से अधिक पात्रों को जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जा रहा है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात मंत्री मंगलवार को विधान सभा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात विभाग की (मांग संख्या-55) अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। चर्चा के बाद सदन ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात विभाग की 11 अरब 76 करोड़ 41 लाख 75 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के द्वारा वर्तमान में प्रदेश के 4.38 करोड़ पात्र लाभार्थियों को नि:शुल्क 5 किलो गेहूं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गैस सब्सिडी हेतु वर्ष 2015 में चलाए गए गिव इट अप अभियान से प्रेरणा लेकर प्रदेश में संपन्न लोगों द्वारा खाद्य सब्सिडी के स्वैच्छिक त्याग हेतु गिव अप अभियान नवंबर 2024 में शुरू किया गया। माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में यह अभियान सामाजिक न्याय एवं संवेदनशील समाज का एक उत्तम प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से 55 लाख से अधिक अपात्र लोगों ने स्वेच्छा से अपने खाद्य सब्सिडी का त्याग किया जिससे खाद्य सुरक्षा सूची में पात्र लोगों के लिए जगह बनी। इनमें से 6 लाख लोगों ने घर बैठे ऑनलाइन अपनी खाद्य सुरक्षा छोड़ी है। उन्होंने बताया कि क्रमश: भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, बीकानेर, खैरथल-तिजारा एवं जयपुर में सबसे अधिक संपन्न लोगों ने अपनी खाद्य सब्सिडी का स्वेच्छा से त्याग किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षेत्रीय परिषद की हाल ही में संपन्न बैठक में गिव अप अभियान की सराहना केंद्र सरकार द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड से अब पात्र लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर सकता है।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े 75 लाख से अधिक वंचित पात्र
गोदारा ने बताया कि 26 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कर कमलों से वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा देने के पुनीत लक्ष्य के साथ खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन प्रारंभ किया गया। गिव अभियान एवं लगभग 27 लाख लोगों द्वारा ई केवाईसी नहीं करने के कारण बनी रिक्तियों से खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुन: प्रारंभ होने के बाद 75 लाख से अधिक वंचित पात्र खाद्य सुरक्षा से जुड़ पाए हैं। अभी भी 9 लाख पात्र वंचितों को जोड़ने के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में रिक्तियां मौजूद है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुन: प्रारंभ होने का सर्वाधिक लाभ वंचित समूहों को हुआ है। उन्हें नि:शुल्क राशन के साथ-साथ मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है एवं उनका जीवन स्तर ऊपर उठ रहा है।
राशन डीलरों का बढ़ा मानदेय
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा राशन डीलरों के मानदेय में 10% की बढ़ोतरी की गई है। इसे 137 रुपए से बढ़ाकर 150.70 रुपए किया गया है एवं कमीशन का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 तक का राशन डीलरों के कमीशन का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना से आमजन को मिल रही राहत
गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत साल में 450 रुपए प्रति सिलेंडर की दर से 12 सिलेंडर दिए जा रहे हैं। योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें सभी एनएफएसए लाभार्थियों को शामिल किया गया है। दिसंबर 2025 तक 5.68 करोड़ रिफिलिंग इस योजना के तहत करवाई जा चुकी है। लाभार्थियों के खातों में 1051 करोड़ रुपए की सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा की रसोई गैस सिलेंडरों के कमर्शियल उपयोग को रोकने हेतु प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अवैध सिलेंडर भंडारण की रोकथाम की जा रही है।
एमएसपी पर गेहूं की रिकार्ड खरीद
गोदारा ने बताया कि रबी विपणन सीजन 2024-25 में ‘‘राजस्थान कृषक समर्थन योजना’’ के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रूपये प्रति क्विंटल पर 125 रूपये प्रति क्विंटल दर से 150.66 करोड़ रूपए बोनस राशि का भुगतान कर किसानों को लाभान्वित किया गया है। रबी विपणन सीजन 2025-26 में “राजस्थान कृषक समर्थन योजना” के अन्तर्गत गेहूं एमएसपी के ऊपर 150 रूपये का बोनस देकर कुल 2575 रूपये प्रति क्विंटल पर 21.37 लाख मैट्रिक टन गेहूँ खरीद कर 1,72,679 किसानों को लाभान्वित कर 320.50 करोड़ रूपये बोनस दिया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले रबी विपणन सीजन में विभाग द्वारा लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीद सुनिश्चित कर किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।
तीन जिलों में स्थापित होंगे अनाज एटीएम
गोदारा ने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम के तहत राज्य में तीन अनाज एटीएम स्थापित करने के लिए जयपुर, भरतपुर और बीकानेर जिलों का चयन किया गया है। अनाज एटीएम की स्थापना से राशन वितरण की प्रक्रिया सुगम तथा पारदर्शी होगी एवं लाभार्थियों को 24 घंटे अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी। उन्होंने बताया कि नवाचार के क्रम में विभाग द्वारा अप्रैल 2026 से उचित मूल्य दुकानों में गेहूं का आवंटन 50 किलो के न्यूनतम माप से ही किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे अधिक गेहूं जाने पर अगले माह में उतना गेहूं आवंटन से काट लिया जाएगा तथा कम जाने पर आवंटन में अधिक अनाज जोड़ दिया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि एससी, एसटी तथा ओबीसी वर्ग के छात्रावासों एवं कल्याणकारी संस्थाओं को अप्रैल 2026 से विभाग द्वारा रियायती गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। गोदारा ने बताया कि अब तक बाजार मूल्य पर गेहूं एवं चावल की खरीद कर इन छात्रावासों में आपूर्ति की जा रही थी। अब 4.15 रुपए प्रति किलो की दर से गेहूं एवं 5.65 रुपए प्रति किलो की दर से चावल की आपूर्ति इन छात्रावासों को विभाग द्वारा की जाएगी। इस हेतु 20 करोड रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। प्रथम चरण में इस योजना से 35000 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
मीडिएशन से त्वरित न्याय
गोदारा ने बताया कि राज्य में वैकल्पिक विवाद निवारण के अंतर्गत 24 दिसंबर 2024 से उपभोक्ता न्याय हेतु मेडिएशन की शुरुआत की गई। अब तक इस व्यवस्था के अंतर्गत 627 प्रकरण विस्तारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मई 2026 से राज्य में स्थित समस्त धर्म कांटो के सत्यापन एवं मुद्रण हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित गेहूं खरीद केंद्रों पर मौजूद तुलन यंत्रों का सत्यापन 15 मार्च 2026 से पूर्व किया जाएगा।
तेज़ी से पूरी हो रही उचित मूल्य दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया
गोदारा ने बताया कि उचित मूल्य की दुकान हेतु 500 राशन कार्ड एवं कम से कम 2000 यूनिट की अनिवार्यता के कारण कुछ क्षेत्र राशन दुकानों से वंचित हो रहे थे। इसी विसंगति को दूर करने के लिए जिला कलेक्टर को भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से नि:शुल्क राशन की दुकान स्वीकृत करने हेतु अधिकृत किया गया है। उन्होंने बताया की उचित मूल्य दुकानों के शीघ्र आवंटन हेतु प्रदेश भर में 659 तहसील स्तरीय आवंटन सलाहकार समितियां गठित की गई है। इनमें 1977 सदस्यों को मनोनीत किया गया है। उन्होंने बताया कि उचित मूल्य दुकानदारों के आश्रितों को नियमों में शिथिलता देखकर 227 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 857 उचित मूल्य दुकानों का नवसृजन हुआ है। इसके अतिरिक्त अटैचमेंट पर चल रही 1895 उचित मूल्य दुकानों की रिक्तियां घोषित कर विज्ञप्ति जारी करने के उपरांत 720 दुकानों का आवंटन किया जा चुका है। इस प्रकार विभाग द्वारा कुल 2755 उचित मूल्य दुकानों हेतु विज्ञप्ति जारी कर 1147 का आवंटन किया जा चुका है।
