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बीकानेर-कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने आज राजस्थान विधानसभा में नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से इंदिरा गांधी नहर परियोजना की लिफ्ट परियोजना अंतर्गत संचालित सामूहिक डिग्गी योजना में लागू विद्युत टैरिफ को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।

विधायक भाटी ने बताया कि वर्तमान में उक्त योजना में टैरिफ कोड 4400 लागू है, जिसके तहत किसानों से ₹2.75 प्रति यूनिट की दर से विद्युत शुल्क वसूला जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप 30 एचपी के एक डिग्गी कनेक्शन पर दो माह में लगभग ₹18,000 का विद्युत बिल बनता है, जबकि यदि इसे सामान्य कृषि टैरिफ (₹0.90 प्रति यूनिट) में रखा जाए तो यही बिल लगभग ₹6,000 का होता है।

भाटी ने कहा कि इस प्रकार टैरिफ कोड 4400 के कारण किसानों को प्रति दो माह ₹12,000 तथा वर्ष भर में लगभग ₹72,000 का अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब विभाग द्वारा काश्तकारों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा किया जाता है, जबकि वास्तविकता में किसानों को मात्र 6 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है।

विधायक भाटी ने इसे बड़ी विडंबना बताते हुए कहा कि एक ओर बिजली आपूर्ति सीमित है, दूसरी ओर सिंचाई जल की उपलब्धता भी कम है, फिर भी किसानों से अधिक राशि वसूली जा रही है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।

विधायक भाटी ने बताया कि सामूहिक डिग्गी योजना के अंतर्गत एक डिग्गी से 40 से 50 किसान परिवार जुड़े होते हैं। कोलायत विधानसभा क्षेत्र में ऐसी अनेक डिग्गियां संचालित हैं, जिससे हजारों किसान परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

अंत में विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने सरकार से लिफ्ट परियोजना में लागू टैरिफ कोड 4400 के स्थान पर सामान्य कृषि टैरिफ कोड 4000 लागू करने की मांग पुरज़ोर शब्दों में उठाई, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके और योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।

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