











कोलायत,बीकानेर, कोलायत विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने राजस्थान विधानसभा में महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने राज्यपाल के दृष्टिकोण और सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं, किसानों, युवाओं और पिछड़े व शोषित वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण पहल की हैं।
सरकार की उपलब्धियां और दृष्टिकोण
भाटी ने कहा कि सरकार ने जाति, धर्म और क्षेत्रवाद की राजनीति से ऊपर उठकर ‘सबका साथ–सबका विकास–सबका विश्वास’ के सिद्धांत को लागू किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार का उद्देश्य है “विकसित भारत–विकसित राजस्थान 2047” के संकल्प को पूरा करना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
उन्होंने राज्य सरकार की विकास योजनाओं और निवेश पहल का भी जिक्र किया:
• ईआरसीपी–पीकेसी (राम जल सेतु लिंक परियोजना) में 95–100 करोड़ रुपये का निवेश, जिससे पूर्वी राजस्थान की 4 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 3 करोड़ से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
• राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ के एमओयू में से लगभग 8 लाख करोड़ को धरातल पर उतारा गया।
• प्रवासी राजस्थानियों के सहयोग से “कर्मभूमि से जन्मभूमि अभियान” सफलतापूर्वक चलाया गया।
• पिछले दो वर्षों में लगभग 1 लाख युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया और 1,54,547 पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
अंशुमान भाटी ने सदन से अपील की कि आरोप-प्रत्यारोप और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता के वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने सदन में सकारात्मक और रचनात्मक आलोचना को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कोलायत क्षेत्र और ग्रामीण विकास की मांगें
भाटी ने अपने विधान सभा क्षेत्र की मुख्य मांगें सदन में रखीं:
1. भूमिहीन और पाक विस्थापित परिवारों को भूमि आवंटन में प्राथमिकता।
2. सोलर परियोजनाओं के कारण स्थानीय निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा।
3. कोलायत और गजनेर लिफ्ट परियोजनाओं में अधिशेष जल का उपयोग समीपवर्ती बारानी क्षेत्रों में सिंचाई के लिए।
4. लिफ्ट परियोजनाओं में टैरिफ कोड 4400 के स्थान पर 4000 लागू करना, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो।
5. गजनेर रीको क्षेत्र में प्रस्तावित सिरेमिक पार्क हेतु गैस पाइपलाइन तत्काल उपलब्ध कराना।
6. कोलायत क्षेत्र सहित पश्चिमी राजस्थान के धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करना, जो स्थानीय रोजगार बढ़ाने और श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देने में सहायक होगा।
अंत में विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि राजस्थान की जनता को अब केवल चर्चा नहीं, बल्कि समस्या का समाधान चाहिए। इसलिए सभी विधायकों को अपनी जिम्मेदारी के साथ विकास और कल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
