











बीकानेर,खेजड़ी बचाओ अभियान के तहत आमरण अनशन पर बैठे चार आंदोलनकारियों की तबीयत बुधवार को बिगड़ने की सूचना के बाद राज्य सरकार हरकत में आई। गुरुवार सुबह आंदोलनकारियों से वार्ता करने के लिए प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में राज्य मंत्री केके बिश्नोई, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई और विधायक पब्बाराम विश्नोई धरना स्थल पर पहुंचे।
धरना स्थल पर पहुंचकर नेताओं ने संतों और आंदोलनकारियों से बातचीत की। धरना स्थल पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई ने मंच से कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर संवेदनशील हैं और बजट सत्र में कानून लाने की तैयारी की जा रही है। वहीं जसवंत सिंह बिश्नोई ने भी आंदोलनकारियों से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि कानून बनने में थोड़ा समय लगेगा। बताया जा रहा है कि इससे पहले जिला प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था, जिसके बाद अब सरकार स्तर पर प्रयास किए गए।
वार्ता के दौरान मंत्री केके बिश्नोई ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाया, वहीं आंदोलनकारियों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।इसी बीच राज्य सरकार द्वारा बीकानेर एवं जोधपुर संभाग में नया कानून बनने तक खेजड़ी कटाई पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया। हालांकि इस आदेश को लेकर आंदोलनकारियों में नाराजगी देखने को मिली। आंदोलनकारियों का कहना था कि रोक केवल दो संभागों तक सीमित करना उचित नहीं है।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे परसराम विश्नोई ने स्पष्ट कहा कि अनशन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे राजस्थान में खेजड़ी काटने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। फिलहाल आंदोलन को लेकर स्थिति फिर से तनावपूर्ण बन गई है और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
