










बीकानेर,शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शैक्षिक सत्र 2026–27 के लिए आरटीई के तहत गैर सरकारी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश के लिए गुरुवार को राज्य स्तर पर लॉटरी निकाली। लॉटरी के माध्यम से आवेदकों को उनके द्वारा चयनित विद्यालयों के लिए प्राथमिकता क्रमांक जारी किए गए।
शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर सभी बालक-बालिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि आरटीई के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
आरटीई के तहत इस वर्ष 18 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस दौरान प्रदेशभर से 6 लाख 25 हजार 146 बालक-बालिकाओं ने 33 हजार 137 निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए कुल 19 लाख 92 हजार 357 आवेदन किए। इनमें 3 लाख 29 हजार 165 बालक, 2 लाख 95 हजार 970 बालिकाएं तथा 11 थर्ड जेंडर आवेदक शामिल हैं।
माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने बताया कि एक आवेदनकर्ता अधिकतम पांच विद्यालयों में आवेदन कर सकता है। लॉटरी जारी होने के बाद अभिभावक अपने विद्यालय चयन क्रम में 16 मार्च 2026 तक परिवर्तन कर सकेंगे। इसके बाद 17 मार्च को उपलब्ध सीटों के आधार पर विद्यार्थियों को विद्यालय आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विद्यालयों द्वारा आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन 25 मार्च 2026 तक किया जाएगा। यदि किसी आवेदनकर्ता को प्रवेश संबंधी कोई परिवेदना हो तो वह अपने लॉग-इन के माध्यम से 2 अप्रैल 2026 तक आरटीई पोर्टल पर दर्ज करा सकता है। इन परिवेदनाओं का निस्तारण संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी तथा संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा संभाग स्तर पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि प्रथम चरण के बाद भी सीटें रिक्त रहती हैं तो 7 अप्रैल 2026 को द्वितीय चरण में विद्यालय आवंटन किया जाएगा। इसके बाद भी रिक्तियां रहने पर 22 अप्रैल 2026 को तृतीय चरण में विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक अशोक कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कमला कालेर, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक अंजू मित्तल, संयुक्त निदेशक एनआईसी अनिमेष पंत, सहायक निदेशक आरटीई चन्द्रकिरण पंवार तथा राज्य समन्वयक आरटीई योगेश कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
