












बीकानेर,राष्ट्रीय कवि चौपाल 550 वीं कड़ी विश्व युवा दिवस एवं मकर संक्रांति विषय पर समर्पित रही रविवार को कार्यक्रम अध्यक्षता में नरसिंह भाटी मुख्य अतिथि में डाॅ गौरी शंकर प्रजापत ,विशिष्ट अतिथि में लाजपत राय मिढ्ढा व सरदार अली परिहार आदि मंच सुशोभित हुए ।
कार्यक्रम शुभारम्भ करते हुए रामेश्वर साधक ने विश्व युवा दिवस संदर्भ स्व बौद्धिक में कहा कि अकर्मण्यी युवा है तो भी वृद्ध है, जबकि कर्मठ वयोवृद्ध है तो भी भर यौवन का परिचायक है।
कार्यक्रम अध्यक्ष नरसिंह भाटी (संभाग अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन) आओ बम बारूद की बरसात रोककर, मानवता की सुख समृद्धि के गीत गाएं, आओ ये नववर्ष ऐसे मनाएं। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ गौरीशंकर प्रजापत : बरसे ना ए साम्ली म्हारे घर री छत टुटियोडी़ है। पिय म्हारो परदेश बसे, किस्मत म्हारी फुटियोडी़ है।।.. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि लाजपत राय मिढ्ढा :वर्तमान में मोबाइल के क्रूर हाथों संस्कार च्यूत हो रहा। संस्कारों का दायित्व में साहित्यकार आंखें मूंदे क्यों सो रहा… सरदार अली परिहार : तूम चलोगे तो जगत चलेगा चलता चल भाई तू चलता चल इससे पूर्व लीलाधर सोनी ने मां सरस्वती की प्रार्थना से वंदना की कासिम बीकानेरी ने ग़ज़ल काव्य धारा में प्रस्तुति दी। पवन चड्ढ़ा ये महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया.. गीत सुनाकर सदन की वाह वाह लूंटी।
रविवार को कड़ कडा़ती सर्दी बावजूद कार्यक्रम में 16 कवि वृंद की उपस्थिति रही के कार्यक्रम में ओमप्रकाश भाटी, मनोज, छोटू खां, नत्थू अब्बासी, भवानी शिवबाड़ी, साकिर पत्रकार आदि कई गणमान्य साहित्यानुरागी उपस्थित रहे कार्यक्रम संचालन शायराने चुटिले अंदाज में कासिम बीकानेरी ने किया जबकि आभार ओमप्रकाश भाटी ने किया।
