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बीकानेर/देशनोक। क्षत्रिय करणी सेना ने 26 फरवरी 2026, गुरुवार को नए राजनैतिक दल अखंड करनी पार्टी की घोषणा  शारदा सर्वज्ञ पीठ जम्मू कश्मीर से जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ के सान्निध्य में की गई। देशनोक के करणी बाग होटल में अखंड करनी पार्टी (एकेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राज शेखावत, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष संगीता सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोविन्द सिंह भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भंवर सिंह नरूका, बीकानेर जिला अध्यक्ष परमवीर सिंह, बीकानेर ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम सिंह एवं राजू सिंह देवड़ा तहसील हादा आदि मंचासीन रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने अखंड करनी पार्टी की घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रहित की राजनीति के लिए इस पार्टी का गठन किया गया है। डॉ. शेखावत ने कहा कि अब केवल आंदोलनों से नहीं, बल्कि नीति, नेतृत्व और सत्ता में भागीदारी के माध्यम से राष्ट्र और समाज के अधिकार सुरक्षित किए जाएंगे। यह घोषणा किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा की नहीं, बल्कि उस पीड़ा, संघर्ष और संकल्प की आवाज़ है जिसे वर्षों से राष्ट्रवादी, सामान्य वर्ग और सनातन परंपराओं को मानने वाले नागरिक महसूस करते आ रहे हैं। जब राष्ट्रहित को बार-बार तुष्टिकरण, वोट बैंक और विभाजन की राजनीति के नीचे दबाया गया, तब यह आवश्यक हो गया कि राष्ट्र प्रथम की विचारधारा को राजनीति के केंद्र में पुन: स्थापित किया जाए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोविन्द सिंह भाटी ने कहा कि क्षत्रिय करणी सेना यह स्पष्ट शब्दों में कहती है कि अखंड करनी पार्टी सत्ता के लिए नहीं व्यवस्था परिवर्तन के लिए मैदान में उतरेगी। यह पार्टी न किसी के दवाव में चलेगी, न किसी विचारधारा से समझौता करेगी और न ही राष्ट्रविरोधी सोच के सामने झुकेगी। महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संगीता सिंह ने कहा कि यह उन करोड़ों राष्ट्रवादी नागरिकों का राजनीतिक मंच है जो अब केवल देखना नहीं, निर्णय करना चाहते हैं। जो केवल सहना नहीं, नेतृत्व करना चाहते हैं। जो केवल विरोध नहीं, शासन में परिवर्तन चाहते हैं। डॉ. संगीता ने बताया कि इस पार्टी में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं को दी जाएगी।

*सनातन, संस्कृति व राष्ट्रहित के लिए जागरुक बनें : जगद्गुरु शंकराचार्य*
श्री शारदा सर्वज्ञ पीठ जम्मू कश्मीर से जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि अब सनातन, संस्कृति व राष्ट्रहित के लिए सबको एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि भेदभाव भूलकर सबसे पहले सबको समान अधिकार मिले और धर्म की ध्वजा सदैव फहराती रहे। धर्म की राह पर चलने वाला कभी भी किसी केे साथ अन्याय, अत्याचार होने नहीं देता, यही हमारे सनातन धर्म की सीख है।

*अखंड करनी पार्टी का संकल्प*
राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं
सनातन संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय अस्मिता की अडिग रक्षा
समान अधिकार, समान अवसर और बिना भेदभाव न्याय
युवाओं को केवल नारे नहीं, नेतृत्व और निर्णय का अधिकार
किसान, व्यापारी और मध्यम वर्ग के आत्मसम्मान की राजनीति
भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और खोखली घोषणाओं का पूर्ण बहिष्कार
सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की स्थापना

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