
जयपुर। नागौर में 15 साल के लडक़े को ‘फ्री फायर’ (ऑनलाइन गेम) की ऐसी लत लगी कि वह परिवार वालों पर ही आक्रामक हो गया। पिता ने मोबाइल देने से इनकार किया तो उनको कमरे में बंद कर खूब उत्पात मचाया। नागौर में ही इस गेम के चक्कर में एक लडक़ा कर्ज के दलदल में ऐसा धंसा कि उसने रकम के लिए अपने ही चचेरे भाई को मौत के घाट उतार दिया। चूरू का नाबालिग तो गेम के चक्कर में सबको भुला बैठा। उसे न परिवार वालों का ख्याल रहा, न ही अपनी सेहत का। हालत बिगड़ी तो उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। ये तो उदाहरण भर हैं। राजस्थान में बच्चे मरने-मारने पर उतारू हो रहे हैं। प्रदेश में इस तरह के रोज दो से ढाई सौ शिकायतें पुलिस को मिल रही हैं। 10-12 बच्चे रोज घर छोड़ रहे हैं।