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बीकानेर,निष्पक्ष रूप से नोखा क्षेत्र के कन्हैया लाल झंवर की बीकानेर जिले के सभी पार्टी नेताओं के बीच पब्लिक लीडर के रूप में समीक्षा करें तो आपका क्या कहना है ? जिनसे पूछा गया तटस्थ और निष्पक्ष लोगों का तो यह कहना है वो जनता के नेता है , जनता की सुनते हैं और जन हित के कामों के प्रयासों में लगे रहते हैं। नोखा नगर पालिका के कामों का जिक्र करने की तो आवश्यकता ही नहीं है। नोखा नगर पालिका राजस्थान में बेहतर पालिका का तगमा नोखा के लोग देते हैं। बीकानेर जिले के असली जन नेताओं में उनका नाम शुमार किया जाता है। क्या ये लोगों की धारणा सही है? कन्हैया लाल झंवर बिना किसी राजनीतिक पार्टी के अपने कामों के बूते जनप्रिय है। राजनीतिक पार्टियां उनको तरजीह देती रही है। संसदीय सचिव रहते हुए उन्होंने नोखा तहसील में बिजली पानी के जो काम करवाएं उसे आज भी क्षेत्र की जनता मानती है। वो लोगों की तुरंत सुनते हैं और सहयोग करते हैं। यह बात उनके जो भी संपर्क में आए हैं उन लोगों का कहना है। वोट जाति, राजनीतिक दल और धड़ों में बंटे होते हैं। वास्तविक जन नेताओं की जनता प्रशंसा करती है, परंतु वोट देते समय उनका कृतित्व कितना ध्यान में रखा जाता है यह अलग बात है। हमें जन नेता चाहिए या पार्टियों का बैनर अथवा अपने जाति का व्यक्ति ? जनता जिस दिन जन हितेषी नेता को सब तरह की मान्यताएं और पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर चुनाव करेगी उस दिन लोकतंत्र में जनता के प्रति सोचने की नेताओं में प्रतिस्पर्धा स्वत: ही शुरू हो जाएगी। कन्हैया लाल झंवर एक उदाहरण हो सकते हैं । चोइस जनता की है कि वे किसे चुने। पब्लिक लीडर या अपनी पसंद।

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