











बीकानेर,अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) बीकानेर शाखा के तत्वावधान में 4 मार्च 2026 को होटल वृंदावन रिजेंसी, बीकानेर में श्री गौर पूर्णिमा (भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव दिवस) एवं पुष्प होली महोत्सव भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 5 बजे से होगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कीर्तन महोत्सव
भगवान की प्रसन्नता हेतु विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। भक्तगण मधुर हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन करेंगे तथा भजनों पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत करेंगे। संकीर्तन की गूंज से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
नाटक एवं आध्यात्मिक खेल विशेष आकर्षण
इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा भव्य नाटक एवं आध्यात्मिक खेल।
ISKCON Youth Forum Bikaner (IYF) के विद्यार्थी एवं व्यवसायी मिलकर भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु की दिव्य लीलाओं पर आधारित नाट्य प्रस्तुति देंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महाप्रभु के जीवन, उनके संदेश और कलियुग में संकीर्तन आंदोलन के महत्व को दर्शाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त विभिन्न आध्यात्मिक खेलों के माध्यम से लोगों को भगवत भक्ति से जोड़ने का विशेष प्रयास किया जाएगा, जिससे युवा वर्ग में धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़े।
पंचामृत अभिषेक एवं 56 भोग अर्पण
इस पावन अवसर पर सभी भक्तगण मिलकर श्री श्री गौर निताई का पंचामृत से अभिषेक करेंगे तथा भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। पुष्प होली के माध्यम से भक्तगण भगवान के साथ आनंदपूर्वक होली खेलेंगे।
प्रभु संदेश
इस्कॉन बीकानेर केंद्र प्रभारी श्रीमान संकर्षण प्रिय प्रभु (M.Tech गोल्ड मेडलिस्ट) ने बताया कि श्री चैतन्य महाप्रभु स्वयं राधा-कृष्ण के संयुक्त अवतार हैं —
“श्री कृष्ण चैतन्य राधा कृष्ण नहीं अन्य”।
वे कलियुग के जीवों के उद्धार हेतु अवतरित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कलियुग में महाप्रभु की आराधना अत्यंत सरल है — केवल हरे कृष्ण महामंत्र के जप और संकीर्तन से ही मनुष्य भगवान की असीम कृपा का पात्र बन सकता है तथा चिंता, अवसाद, तनाव और जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति पा सकता है।
श्रद्धालुओं की उपस्थिति एवं महाप्रसाद
कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों सहित लगभग 300 से अधिक श्रद्धालु भक्तों के आगमन की संभावना है। भक्तगण मधुर महामंत्र कीर्तन पर नृत्य करते हुए भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्य दिवस का उल्लासपूर्वक उत्सव मनाएँगे।
उत्सव के उपरांत सभी भक्तों के लिए महाप्रसादम् की व्यवस्था की गई है।
परम पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण, भक्त-अवतार श्री चैतन्य महाप्रभु तथा इस्कॉन के संस्थापक आचार्य ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के आशीर्वाद एवं समस्त भक्तों के सहयोग से यह महोत्सव दिव्य आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहेगा।
हरे कृष्ण।
