











बीकानेर,99 वर्ष के सफल उद्योगपति है महावीर मानसिंहका
सफल उद्योग का संचालन एवं अपने कारोबार में सफल होने का मुख्य कारण है कि आपका उद्योग किसी व्यक्ति चाहे वो आपका प्रतिस्पर्द्धी हो या आपका श्रमिक किसी का दिल दुखा कर ना किया जाए | साथ ही साथ अपनी कमाई का एक विशेष हिस्सा आप परमपिता परमात्मा व नर सेवा नारायण सेवा के लिए संचित करें तब प्रकृति खुद आपके कारोबार को प्रसिद्धि दिलाने में लग जाती है | यह शब्द बीकानेर प्रवास पर पधारे नागपुर के मुख्य तेल व्यवसायी महावीर मानसिंहका ने बीकानेर जिला उद्योग संघ में उद्योगपतियों से चर्चा करते हुए कहे | मानसिंहका ने अपने युवा अवस्था में शुरू किये पारिवारिक कारोबार के समय की बातों को स्मरण करते हुए बताया कि पुराने समय में उद्योग चलाना बहुत कठिन होता था क्योंकि उस समय आज के आधुनिक युग वाली मशीनरी नहीं थी और खुद कारोबारी को अपने हाथों से काम करने पड़ते थे और इन्हीं कारणों से पुराने उद्योगपति आज के युवा उद्यमियों से क्षमता व अनुभव में आगे रहते हैं | मानसिंहका ने बीकानेर जिला उद्योग संघ की साज सज्जा व आकर्षक आर्ट गैलेरी को देखकर बताया कि जैसे पूरे बीकानेर को एक ही छत्त के नीचे ला दिया गया है | बीकानेर जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि इस आर्ट गैलेरी के निर्माण का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी के बच्चों में बीकानेर के संस्कारों, यहाँ के तीज त्योंहारों, यहाँ के उद्योग धंधों के बारे में जानकारी प्राप्त कर अपने जीवन में आत्मसात करने व मोबाइल की दुनिया से बाहर निकालने का एक प्रयास किया गया है | पचीसिया ने मानसिंहका को बीकानेर के उद्योगों की जानकारी देते हुए यहाँ औद्योगिक विकास की संभावनाओं के बारे में बताया | साथ ही बताया कि बीकानेर को छोटी काशी के रूप में दुनिया में जाना जाता है यहाँ अनेक ऐसे भामाशाह हुए जिन्होंने समाज से कमाए हुए धन को पुन: समाज को लौटाने की सीख का संदेश मानवजाति को दिया है | इस अवसर पर वी.के. मानसिंहका, नाथूलाल अग्रवाल, नरेश मित्तल, प्रमोद देवड़ा, सुशील बंसल, अनन्तवीर जैन, वीरेंद्र किराडू, मनमोहन जयपुरिया, बनवारीलाल अग्रवाल, भंवरलाल चांडक, राजीव शर्मा, किशन मूंधड़ा, मोहित डागा आदि उपस्थित हुए |
