











बीकानेर,बीकानेर में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायक कदम उठाया गया है। दिनांक 2 मार्च 2026 को स्वर्गीय चेतन प्रकाश सेठिया जी की पार्थिव देह उनकी पुत्री ऋचा मेहता जी द्वारा सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के शरीर रचना (एनाटॉमी) विभाग को समर्पित की गई। यह देहदान न केवल परिवार की उदारता और मानवीय संवेदनाओं की ऊंचाई को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति गहन उत्तरदायित्व की एक जीवंत मिसाल भी प्रस्तुत करता है।
इस पावन प्रक्रिया को पूर्ण सम्मान के साथ संपन्न किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. नॉरंग लाल महावर, विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि, डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. कौशल रंगा, डॉ. नुमान, श्री वल्लभ और श्री मनोज सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि ने अपने उद्बोधन में कहा कि देहदान चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए प्रत्यक्ष और अमूल्य अध्ययन का माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी चिकित्सक की आधारभूत दक्षता शरीर रचना के गहन अध्ययन से ही विकसित होती है और इसमें देहदान का योगदान सर्वोपरि रहता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस महान सामाजिक कार्य को समझते हुए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देहदान एक ऐसा महान दान है जो मृत्यु के बाद भी जीवन को अर्थ प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के योगदान से चिकित्सा छात्रों को मानव शरीर की जटिल संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है, जो किताबी ज्ञान से कहीं अधिक प्रभावी और व्यावहारिक होता है। डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि देहदान से न केवल भावी चिकित्सकों की शिक्षा बेहतर होती है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ती है। उन्होंने इस परिवार की सराहना करते हुए कहा कि स्वर्गीय चेतन प्रकाश सेठिया जी का यह अंतिम योगदान चिकित्सा क्षेत्र के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोग देहदान के लिए आगे आएं ताकि चिकित्सा शिक्षा में कमी न रहे और नए-नए चिकित्सक तैयार हो सकें जो समाज की सेवा कर सकें।
