बीकानेर, जिला उद्योग केंद्र तथा राजस्थान स्टेट डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में ‘मिशन निर्यातक बनो’ विषयक एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को जिला उद्योग संघ सभागार में किया गया। इसका शुभारंभ करते हुए जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि बीकानेर में कारपेट उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण तथा मिनरल आधारित उद्योगों में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार भी इसे लेकर गंभीर है तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसी कार्यशाला के आयोजन से निर्यातकों को सीखने का अवसर मिलता है। मेहता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का ज्यादा से ज्यादा आयोजन करवाएं, जिससे निर्यातकों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक परेशानियों का त्वरित निस्तारण किया जा सके। बीकानेर को बनाएं बालश्रम मुक्त जिला  कलक्टर ने बीकानेर को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों का आह्वान किया और कहा कि इसमें सभी अपना प्रभावी योगदान देवें। औद्योगिक इकाई संचालक यह सुनिश्चित करें कि उनकी फैक्ट्री में 18 वर्ष से कम आयु का कोई बाल श्रमिक नियोजित ना हों। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कानूनन अपराध है। ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डीपी पच्चीसिया से इस संबंध में सघन अभियान चलाने की अपील की। जिला उद्योग केन्द्र की महाप्रबन्धक मंजू नैण गोदारा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों तथा सत्रों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में निर्यात प्रोत्साहन के लिए मिशन ‘निर्यातक बनो‘ कार्यक्रम शुरू किया गया है। मिशन ‘निर्यातक बनो‘ कार्यक्रम के तहत निर्यातक बनने के इच्छुक सभी उम्मीदवारों के लिए अभिव्यक्ति फॉर्म तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य निर्यातकों को आईईसी लेने तथा निर्यात शुरू करने में सहायता प्रदान करना है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक सुशील कुमार ने विदेशी विनिमय नियमों के बारे में अवगत कराया।nबीकाजी ग्रुप के निदेशक दीपक अग्रवाल ने कहा कि नए निर्यातकों को निर्यात संबंधी नियमों व प्रावधानों की जानकारी रहे। इससे निर्यातकों के सामने कम व्यावहारिक परेशानियां आयेंगी। जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डीपी पच्चीसिया ने बीकानेर में ड्राई पोर्ट और हवाई सेवा के विस्तार की आवश्यकता जताई तथा कहा कि इन सुविधाओं के बाद औद्योगिक विकास के नए अवसर बन सकेंगे। इस अवसर पर जिला उद्योग संघ द्वारा आयात निर्यात कोड जारी करने के लिए स्टॉल लगाई गई। जिला कलक्टर नमित मेहता ने दिव्या जैन को आयात निर्यात कोड का पहला प्रमाण पत्र प्रदान किया। रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवीण गुप्ता ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। जिला उद्योग संघ ने अनूठी पहल करते हुए पीबीएम अस्पताल में कबाड़ में रखी 82 ट्रॉली तथा 212 पंखों की मरम्मत करवाकर उन्हें नया स्वरूप दिया। जिला कलक्टर नमित मेहता ने जिला उद्योग संघ में आयोजित सम्भाग स्तरीय कार्यशाला से पूर्व इनका अवलोकन कर इस कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों में भी ऐसी अनुपयोगी चीजों को दुरुस्त करवाकर काम में लेने की संभावनाएं देखी जाएगी। इस दौरान जिला औद्योगिक वाद एवं शिकायत निवारण समिति सदस्य रमेश अग्रवाल, उद्योग विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र कुमार,उद्योग प्रसार अधिकारी पूजा शर्मा सहित सम्भाग के सभी जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित ने किया।

विशेषज्ञों ने रखी बात इस दौरान एपीडा के महाप्रबंधक वी.के. विद्यार्थी ने कृृषि तथा प्रसंस्करण खाद्य पदार्थ के निर्यात संबंधी जानकारी ऑनलाईन माध्यम द्वारा प्रदान की। कार्यशाला में डीजीएफटी के सेक्शन हेड राधेश्याम मीणा ने उत्पादकों से कहा कि वे योजना से जुड़कर अपने उत्पादों की पहुंच उच्च गुणवता के साथ विदेशों तक पहुचांए। उन्होंने आईईसी की पूरी प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
एक्जिम बैंक, नई दिल्ली से चन्दर जून ने निर्यात हेतु एक्जिम बैंक की नीतियों से अवगत करवाया तथा निर्यात हेतु ऋण प्रक्रिया का वर्णन किया। एमेजन- लुसियन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड से सत्य नारायण सैनी ने ई-कॉमर्स तथा ग्लोबल मार्केट हेतु एक्सपोर्ट बिजनेस से अवगत करवाया। फीओ से भूपेन्द्र सिंह जी ने निर्यात तथा उद्यमियों की सहायता के लिए भारत सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी से अवगत करवाया। कार्यशाला में जीएसटी संबंधी जानकारी राजकमल विश्नोई ने, लघु तथा मध्यम उद्योगों के लिए बैंकिंग तथा ऋण संबंधी जानकारी एसबीआई के सहायक महाप्रबंधक सुमित कुमार ने, निर्यात हेतु कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया तथा दस्तावेजों संबधी जानकारी गोपाल कुलरिया ने, बैंक ऑफ बरोड़ा की निर्यात संबंधी बैंक नीति के बारे में अक्षय व्यास ने तथा निर्यात में भारतीय डाक विभाग के सहयोग संबंधी जानकारी राजेश झंवर जी ने प्रदान की।