













बीकानेर,गोगा गेट के बाहर स्थित ऋग्वेदी ब्राह्मण गायत्री मंदिर परिसर में लोकमणि लक्ष्मी नृसिंह मंदिर की स्थापना एवं नृसिंह जयंती मेले के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में माँ गायत्री मंडल सेवा संस्थान, बीकानेर द्वारा भव्य दो दिवसीय रजत जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
समारोह के अंतर्गत प्रथम दिवस 29 अप्रैल 2026 को सायं 7:00 बजे विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें बीकानेर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नृसिंह जयंती पर निरंतर मेला एवं लीला आयोजन करने वाली लगभग 10 प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का अभिनंदन किया जाएगा। साथ ही गोगा गेट मेले में विगत 25 वर्षों से नृसिंह भगवान, भक्त प्रह्लाद एवं हिरण्यकश्यप के स्वरूप धारण करने वाले पात्रों, समर्पित कार्यकर्ताओं तथा व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले गणमान्य सज्जनों का सम्मान भी किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय संत महामंडलेश्वर सरजूदास जी महाराज करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक जेठानंद व्यास एवं आईएएस अधिकारी देवाराम सैनी उपस्थित रहेंगे, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
गौरतलब है कि इस पावन परंपरा का शुभारंभ वर्ष 2001 में गायत्री मंदिर के संस्थापक पंडित बंशी लाल शर्मा द्वारा किया गया था, जो पिछले 25 वर्षों से निरंतर श्रद्धा और भव्यता के साथ संचालित हो रही है। रजत जयंती समारोह के अवसर पर पंडित बंशी लाल शर्मा का विशेष अभिनंदन भी किया जाएगा। कार्यक्रम के उपरांत प्रसादी का आयोजन रहेगा।
संस्थान के संस्थापक शास्त्री पंडित गायत्री प्रसाद शर्मा के मार्गदर्शन में समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं। अध्यक्ष पंडित काशी प्रसाद तिवाड़ी के नेतृत्व में कार्यकर्ता दल घर-घर जाकर आमंत्रण दे रहा है। व्यवस्थापक पं. नारायण प्रसाद शर्मा एवं मारुति पुरोहित के सानिध्य में मंदिर एवं चौक को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है।
संयोजक शास्त्री पंडित यज्ञ प्रसाद शर्मा ने बताया कि नृसिंह जयंती के दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। ऋग्वेदीय राका वेद पाठशाला के वेदपाठी बटुकों द्वारा 101 किलो पंचामृत से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक किया जाएगा तथा भगवान का भव्य श्रृंगार होगा। सूर्यास्त के समय पारंपरिक “थांभ फाड़” लीला के माध्यम से भगवान नृसिंह का प्राकट्य दर्शाया जाएगा। इससे पूर्व हिरण्यकश्यप अपने दल के साथ नगर में भ्रमण कर लीला का वातावरण निर्मित करेगा, जिसके पश्चात भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति के प्रभाव से भगवान नृसिंह द्वारा उसका वध किया जाएगा। वध उपरांत महाआरती, प्रसाद एवं पंजेरी वितरण किया जाएगा।
समारोह की व्यवस्थाओं में संस्थान के कार्यकर्ता राजकुमार तिवाड़ी, तुलसी दास पारीक, दिनेश कच्छावा, लक्ष्मी नारायण ओझा, राधे माली, महावीर सांखी, हरी गहलोत, भीम भदानी, जगदीश तिवाड़ी, लक्की, नीरज गहलोत, ऋग्वेद शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
यह रजत जयंती समारोह बीकानेर की धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय संगम होगा, जिसमें शहरवासी बड़ी संख्या में भाग लेकर इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे।
