बीकानेर ,ग्राम पंचायत गजनेर की मोडिया मानसर रोही में गत 222 दिनों से गोचर की पैमाइश को लेकर महिला सरपंच गीता कुम्हार, पूर्व सरपंच जेठाराम कुम्हार की अगुवाई में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं लेकिन कोई प्रशासनिक सुनवाई नहीं हो रही है। बुधवार को गजनेर पूर्व सरपंच जेठाराम कुम्हार सहित ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मण्डल जिसमें प्रभुसिंह नाथोत, भैराराम कुम्हार, पेमाराम ओड, रूपराम ओड, रामचन्द्र कुम्हार, नन्दकिशोर शर्मा एवं गणेश सुथार शामिल रहे ने पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी से सरह नथानियाँ गोचर कैम्प पहुंचकर मदद करने की मांग की एवं प्रशासन की हठधर्मिता से अवगत करवाया। प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि राज के लोगों के हस्तक्षेप और प्रभाव के कारण गजनेर गोचर की पैमाइश नहीं हो पा रही है, बन्द कमरें में पैमाइश का खेल हुआ है वर्तमान सरपंच गीता कुम्हार, पूर्व सरपंच जेठाराम कुम्हार सहित गांव के किसी भी मौजीज व्यक्ति को प्रशासन ने भरोसे में नहीं लिया ना ही पैमाइश प्रकरण में बुलवाया है, पैमाइश के मसले पर उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार एवं पुलिस के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका है और कहीं न कहीं यह भूमाफिया लोगों एवं प्रशासनिक सांठ गांठ का खेल है। पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे जल्द गजनेर 222 दिन के धरना स्थल पर पहुँचकर सीधे राजस्थान सरकार से जवाब तलब करेंगे और सार्वजनिक भूमि गोचर, जोहड़, तालाब, तलाई एवं ओरण आदि को बचाने के लिए चलाए जा रहे हर जायज आन्दोलन का वे खुले दिल से समर्थन करेंगे, कागजों में पैमाइश की बात ग्रामीणों ने रखी है अगर वास्तव में ऐसा है तो यह सरासर गलत है बिना मौके पर जाए पैमाइश करना सम्भव ही नहीं है। भाटी ने कहा मैं गजनेर मौके पर जाऊंगा मेरे साथ सरह नथानियाँ गोचर, मुरली मनोहर धोरा गोचर गौ प्रेमी एवं समिति के सदस्य चलेंगे, पूरे प्रकरण की जानकारी लेंगे और आगे की रूपरेखा तय की जाएगी, भाटी ने गजनेर पहुंचने की स्थिति में आस पास के कार्यकर्ताओं, गौ प्रेमियों से तैयार रहने एवं पहुंचने का आह्ववान भी किया है।