












बीकानेर,नई दिल्ली,भारत में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। ईको भारत (Eco Bharat) और आईफेवा ग्रीन एनर्जी फाउंडेशन (IFEVA) के इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिक वीइकल एसोसिएशन ने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ रुपये के एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
IIT दिल्ली बना इस ऐतिहासिक समझौते का साक्षी
14 जनवरी की शाम को आईआईटी दिल्ली के सभागार मे आयोजित आईफेवा ईवी 100 दिवसीय महारैली जो एक विश्व रिकॉर्ड हुआ, उसके सफलतम आयोजन की सम्मान सभा मे यह करार देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली में आईआईटी दिल्ली के डीन डाॅ. बी के पाणीग्रही, आईआईटी धनबाद के डायरेक्टर प्रोफेसर सुकुमार मिश्रा की उपस्थिति मे संपन्न हुआ। ईको भारत के संस्थापक सम्पत सारस्वत बामनवाली तथा आईफेवा के चैयरमैन डाॅ शैलेन्द्र सरोज ने साझा हस्ताक्षर कर एमओयू किया गया, साथ मे आईफेवा के प्रेसीडेंट डॉ.राजीव मिश्रा, नव निर्वाचित चेयरमैन डाॅ कल्याण एस हट्टी, श्रीनिवास कुमार येर्रापोथु इंटरनेशनल वाइस प्रेसिडेंट एवं ईको भारत के कार्पोरेट डायरेक्टर डाॅ साहिल कलाल साक्षी रहे साथ ही डाॅ सुनील भटनागर, प्रेसिडेंट कार्बन उत्सर्जन, डॉ. सैम्युअल वर्गीज इंटरनेशनल प्रेसिडेंट बैटरी, डाॅ दीपक वाधवा इंटरनेशनल वाइस प्रेसिडेंट बैटरी, तमिलनाडु से श्री सर्फुदीन, तमिलनाडु महिला विंग से सुजाता, रक्षिका, प्रकाश गोड़ा, रामेंद्र दीक्षित, डॉ.सत्य प्रकाश गुप्ता- ब्रैन कुंडली, राज यादव, दीप्ति जोशी, वींग कमांडर ए टी किशोर, दिल्ली पुलिस डीसीपी, आईआईटी दिल्ली के विभिन्न विभाग के प्रोफेसर, सङक सुरक्षा मंत्रालय के अधिकारीगण ने भी ईको भारत और आईफेवा के सड़क सुरक्षा विंग ने इस नोबल मुहीम को मंच से लांच किया, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक समाधान विकसित करना और तकनीक के माध्यम से दुर्घटनाओं की दर को कम करना है। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम और सुरक्षा मानकों पर काम करेंगी।
समझौते की मुख्य बातें:
निवेश: इस प्रोजेक्ट के लिए ₹20 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है।
तकनीकी सहयोग: IIT दिल्ली के विशेषज्ञ और शोधकर्ता इस प्रोजेक्ट को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
लक्ष्य: स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और उन्नत वाहन सुरक्षा प्रणालियों का विकास करना।
अवधि: अगले कुछ वर्षों में इस फंड का उपयोग सड़क सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे और डेटा एनालिटिक्स को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय: कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं भारत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं। ईको भारत और आईफेवा के बीच हुआ यह एमओयू न केवल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि यह स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए भी नए रास्ते खोलेगा। ”सड़क सुरक्षा केवल एक जरूरत नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। IIT दिल्ली के साथ मिलकर यह साझेदारी भारत की सड़कों को सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।”
ईको भारत के संस्थापक सम्पत सारस्वत बामनवाली ने बताया कि इस ₹20 करोड़ के निवेश के साथ, उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सड़कों पर होने वाली मौतों और दुर्घटनाओं में बड़ी कमी आएगी। यह कदम देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘सुरक्षित भारत’ के सपनों को साकार करने की ओर एक प्रभावी प्रयास है।
