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बीकानेर,जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के तहत 8 मार्च तक जिले में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी श्रृंखला में महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला सोमवार को राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय के सभागार में आयोजित हुई।
महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना ने कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के साथ भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से महिला उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता एवं बैंक की विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विभागीय योजना ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के सकारात्मक पहलू पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महिला अधिकारिता एक सोच है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर की बालिकाओं एवं महिलाओं के जीवन को उचित दिशा देना है। महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं हो, इसके लिए सखी सेन्टर तथा महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र निरंतर कार्यरत है।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. अभिलाषा आल्हा ने बताया कि महिला एवं किशोरियों के कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण संबंधित कानून व प्रावधानों की जानकारी महिलाओं को होना आवश्यक है।
स्थानीय शिकायत समिति की अध्यक्ष डॉ. किरण सिंह ने महिलाओं को अधिनियम और कानूनों के सकारात्मक पक्ष को समझने और इनका सदुपयोग करने की सलाह दी।
इसी दौरान डॉ. नूरजहां, सुनीता हटीला द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं को जारूगकता उद्देश्य से कानून संबंधित प्रावधानों का व्याख्यान दिया गया।
एसबीआई वेल्थ के अमनदीप सिंह व धर्मपाल द्वारा साइबर ठगी की जानकारी देते हुए, डिजिटल अरेस्ट से सुरक्षित रहने हेतु जानकारी दी गई। एसबीआई के प्रेमप्रकाश एवं यशवीर द्वारा म्यूचल फंड के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. राधा सोलंकी ने कार्यशाला का संचालन किया।
कार्यशाला में महिला अधिकारिता विभाग के संरक्षण अधिकारी सतीश परिहार, महिला अधिकारिता पर्यवेक्षक मंजू बिश्नोई, रश्मि व्यास, अनुराधा पारीक, डॉ. मंजू मीणा आदि मौजूद रहे।

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