
बीकानेर,जिले के रणजीपुरा थाना इलाके की एक युवती ने अभी हाल ही में शिकायत दर्ज कराई कि उसके नाम से फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर उसे बदनाम किया जा रहा है। उस अकाउंट पर अन्य महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें भी पोस्ट की गईं। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है,इसी तरह पिछले दिनों नोखा की एक युवति ने भी किसी अज्ञात के खिलाफ फेक इंस्टग्राम अकाउंट से अश्लील फोटो वायरल कर बदनाम करने का केस दर्ज कराया था। बीकानेर के पुलिस थानों में ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे है। इन मामलों की पड़ताल में सामने आया है कि शातिर किस्म के लोगों ने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म को अपना डिजिटल हथियार बना लिया है। जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल दोस्तों और रिश्तेदारों को बदनाम करने, अपमानित करने और बदला लेने के लिए किया जा रहा है। खासकर महिलाएं इस तरह की घटनाओं का शिकार हो रही हैं, जहां उनके खिलाफ फेक अकाउंट्स से अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं और मानसिक उत्पीडऩ किया जा रहा है। अधिकांश मामलों में यह देखा गया है कि लोग फेक अकाउंट बनाकर अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं या किसी की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग तो आपत्तिजनक फोटो और वीडियो अपलोड करने की धमकी देकर मानसिक प्रताडऩा भी दे रहे हैं, जबकि कई लोग ऐसा करने की धमकी भी दे रहे हैं। इससे मानसिक पीड़ा तो हो रही ही है,इससे सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूजर के लिये खतरा बन गये है। लोकलाज के चलते ज्यादात्तर पीडि़त ऐसे मामलों में पुलिस में शिकायत करने की बजाय आरोपी को समझाने का प्रयास करते हैं। जिससे अधिकांश मामले उजागर नहीं हो पाते। फिर भी बीते तीन सालों में ऐसे मामलों के आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। महिला सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके इन मामलों में ज्यादातर आरोपी पीडि़त के अपने या परिचित ही होते हैं। रिश्तों में आई कड़वाहट या पुरानी दुश्मनी के चलते ये लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म को हथियार बना रहे हैं। इस तरह के अपराधों का शिकार कई युवक भी हो रहे हैं, जिनमें उनके जानकार, सहपाठी, मित्र और रिश्तेदार शामिल हैं।
सावधानी बरतने के उपाय
-सोशल मीडिया पर केवल परिचित और भरोसेमंद लोगों को जोड़ें।
-अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।
-साइबर क्राइम की घटनाओं को नजरअंदाज न करें, तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें।
-सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें।