










बीकानेर,परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज ने कहा कि शक्तिमय पतित पावन विश्व प्रसिद्ध तीर्थ धाम श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ कृष्णगिरी कलयुग में भी ऐसा चमत्कारिक स्थान है, जहां स्वयं श्री आदिशक्ति जगतजननी राजराजेश्वरी देवी मां पद्मावतीजी विराजित है। जो श्रद्धा, भक्ति से इस चमत्कारिणी नागराणी के समक्ष शीश नवाता है उसके समस्त दुख, संकटों का अंत कर उसे अनंत सुख संपदा मां पद्मावतीजी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि पात्र अच्छा हो तो पदार्थ भी अच्छा ही रहेगा। आत्मा को सर्वशक्तिमान बताते हुए मनुष्य को प्राणी मात्र के कल्याण के लिए कार्य करने और सदैव प्रसन्न रहने की सीख भी उन्होंने दी।
पूज्यपाद जगद्गुरु के पावन सान्निध्य में यहां बीकानेर संभाग मुख्यालय स्थित गंगाशहर मार्ग पर अग्रवाल भवन परिसर में पहली बार ऐतिहासिक विराट चैत्र नवरात्रि कथा यज्ञ महामहाेत्सव पर्व में श्रीदेवी भागवत महापुराण कथा यज्ञ पूजा महोत्सव का आयोजन भव्यता से अलौकिक आध्यात्मिक दैवीय ऊर्जा प्रवाहित करते हुए सुचारु रुप से चल रहा है। कथा के दौरान वीरवार को अष्टमी तिथि विशेष मां महागौरी देवी के प्रसंग का उल्लेख उन्हाेंने किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि शक्ति की पूजा का पर्व है। सनातन संस्कृति में गृहस्थ जीवन को सफल और संतुलित बनाने के लिए शक्ति पूजन, शक्ति संचय और शक्ति संवर्धन अत्यंत आवश्यक माना गया है। उन्होंने भगवती की अनन्य कृपा से कोई भी गुरु बने हो, उनकी महिमा का अर्थात् गुरुतत्व का सही अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि प्रभाव का तरंग पूजा को निश्चित सिद्ध करता है। उन्हाेंने कहा कि साधक शुद्ध औऱ निःस्वार्थ है तो संसार का कोई देवी देवता उनसे ऊपर नहीं है।
संगीतमय भजनोंं पर उपस्थित श्रद्धालु भक्त झूमे-लगे जयकारे भी..
साथ ही इस दौरान अपने सुरीले कंठ से संगीतमय भजनों में कृष्णगिरी वाली कैसा जादू किया कैसे बतलाऊं मैया क्या-क्या दिया, आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा, नाम अंबेरानी का दुखड़े मिटाने वाला है, मां कहने से मिलता आराम जगत में मां का प्यारा नाम, म्हारी पद्मावती मैया थाने घणी रे घणी खम्मा, मेरी विनती करो स्वीकार शरण में ले लेना.. की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को झूमने व तालियां बजाने, जयकारे गुंजायमान करने पर मजबूर किया। उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के लिए उनकी सुख समृद्धि प्रगति प्रदायक धन समृद्धि मंजूषा विधान भी सम्पन्न करवाया।
व्यसनमुक्त समाज की सुदृढ़ संरचना में युवाओं की भागीदारी ज़रूरी..
इस मौके पर अपने प्रेरणादाई संदेश में शक्ति पीठाधीश्वर ने यह भी कहा कि व्यक्ति को कोई काम न क्षमता से अधिक और ना ही क्षमता से कम करना चाहिए। इसके लिए सेवा भक्ति में सम्मानपूर्वक त्यागमय समर्पण अति आवश्यक है। जगद्गुरु श्रीजी ने इस अवसर पर श्रद्धावान विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मेक इन इंडिया तथा स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने तथा वर्तमान पीढ़ी में सदाचार, सद्गुण, संस्कार, साहस, सकारात्मक विचार, जोश, विश्वास सरीखे शब्दों को विस्तार से परिभाषित किया तथा व्यसनमुक्त समाज की सुदृढ़ संरचना में युवाओं की भागीदारी को भी ज़रूरी बताया।
प्रभु सियाराम मंदिर में शुक्रवार काे 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग हाेगा अर्पण
आयोजन स्थल पर अस्थाई रूप से बने 15 मंदिरों में प्रभु सिया राम मंदिर में रामनवमी के अवसर विशेष पर शुक्रवार को 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग अर्पण किया जायेगा। यही प्रसाद बाद में व्यापक स्तर पर निःशुल्क भोजन भंडारे में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। साथ ही भगवान राम के अनन्य कृपा पात्र पवन पुत्र श्रीहनुमानजी महाराज के साक्षात दर्शन भी उपस्थित श्रद्धालुओं को पंडाल में पूज्यपाद जगद्गुरु श्री वसंत विजय विजयानंद गिरी जी महाराज अपने सिद्ध साधना के शक्तिपात बीज मंत्रों के उच्चारण से कराएंगे। इसी दौरान देश ही नहीं, दुनिया भर से आए इस कार्यक्रम में मौजूद रहने वाले भक्तों अथवा कार्यक्रम को थॉट योगा पर लाइव देखने वालों के लिए पहले से घर-घर में उनके मंदिरों में मिट्टी के दीपक में घी–बत्ती लगाकर बिना जलाए रखना होगा, जो स्वत: प्रज्वलित करेंगे। साधना के शिखर पुरुष, मंत्र शिरोमणि, आध्यात्म योगी जगद्गुरु श्रीजी द्वारा सनातन शक्ति के अगले चमत्कारी क्रम में शनिवार को वे बीकानेर में ही रहते हुए वैश्विक स्तर पर सूक्ष्म रुप में अपने श्रद्धालु भक्तों के घर घर पहुंच कर भी भोजन प्रसाद, जल, ग्रहण करने अथवा खुशबू के एहसास सहित किसी न किसी रुप में उपस्थित होने का आभास कराएंगे।
पंडाल पड़ा छाेटा, बाहर बैठकर सुन रहे हैं देवी भागवत कथा, प्राप्त कर रहे चमत्कारी अनुभव..
जगद्गुरु श्री श्री 1008 आचार्य श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में गंगाशहर राेड़ स्थित अग्रवाल भवन में चल रहे चैत्र नवरात्रि महामहाेत्सव में रात्रि प्रहर में आयाेजित ऐतिहासिक रुप से पहली बार देवी भागवत कथा सुनने के लिए, रोग, दुःख कष्ट मिटाने स्वयं चमत्कारी अनुभव प्राप्त करने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालूओं का सैलाब पिछले तीन दिन से इतना उमड़ रहा है कि पंडाल भी छाेटा पड़ रहा है और लाेग बाहर बैठकर एलइडी टीवी से कथा श्रवण कर लाभान्वित हो रहे हैं।
