Trending Now

बीकानेर,जैन पब्लिक स्कूल में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज के अंतर्गत साइबर सुरक्षा विषय पर कानूनी साक्षरता, संवेदनशीलता जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। पेन इण्डिया मोमेंट के तहत राजस्थान के 1400 न्यायाधीश अधिकारियों द्वारा 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूक करने का उद्देश्य रखा गया है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. अमित कुमार कड़वासरा, सहायक अतिथिगण, शालाध्यक्ष विजय कुमार कोचर, प्रधानाचार्या रूपश्री सिपानी एवं व्यवस्थापक विश्वजीत गौड़ द्वारा दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं नवकार महामंत्र से की गई।
शाला परिवार की ओर से मुख्य अतिथि एवं वक्ता का माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत, सत्कार किया गया।
सत्र के मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार कड़वासरा (विशेष सत्र न्यायाधीश, एसीडी, बीकानेर) ने कक्षा 8 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों,ऑनलाइन सुरक्षा, उपायों और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के महत्व पर जोर देते हुए apk files, अंजान लिंक, स्टाकिंग, बुलिंग, हैकिंग से बचने, निजता, पारिवरिक तथा बैंक से सम्बंधित जानकारी क़ो किसी से भी साझा न करने की विशेष हिदायत दी।
साइबर फ्रॉड से बचने एवं लीगल सलाह के लिए 15100 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 जैसे नंबरों क़ो साझा किया।
अपने सत्र के समापन में उन्होंने विद्यार्थियों से मौखिक प्रश्नोत्तरी कर साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता के प्रति विद्यार्थियों के रुझान को परखा और विद्यार्थियों ने भी सभी प्रश्नों के उत्तर सटीक एवं विस्तार से दिए।

शालाध्यक्ष ने शाला परिवार की ओर से मुख्य वक्ता द्वारा विद्यार्थियों को साइबर संबंधित विशेष जानकारी देने, सुरक्षित उपयोग एवं समस्याओं के समाधान में लीगल सेवाओं के बारे में बताने पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया।
प्रधानाचार्या ने मुख्य वक्ता द्वारा बताए गए स्मार्ट शब्द की व्याख्या को दोहराते हुए साइबर शब्द की व्याख्या अपने शब्दों में की तथा इंटरनेट को घर के दरवाजे की तरह सुरक्षा के रूप में मानते हुए उसे आवश्यकता एवं तथ्यों की सही जानकारी के लिए खोले जाने की मुख्य वक्ता की बात पर सहमति जताते हुए विद्यार्थियों क़ो देर रात्रि तक फोन, मिडिया एवं इंटरनेट से दूरी बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में सहायक अतिथि के रूप में धीरज व्यास, उमेश सुथार एवं अश्विनी रंगा उपस्थित रहे।

शाला सचिव सीए माणक कोचर एवं सीईओ सीमा जैन ने वर्तमान परिस्थितियों में उपरोक्त सत्र की प्रासंगिकता एवं आवश्यकता पर मुख्य वक्ता द्वारा विचार साझा करने पर उनका आभार प्रेषित किया।

Author