













श्रीडूंगरगढ़,बीकानेर,सेसोमूं स्कूल श्रीडूंगरगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर के अंतर्गत तालुका विधिक सेवा समिति, एसीजेएम कोर्ट, श्रीडूंगरगढ़ के तत्वावधान में साइबर क्राइम से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सजग करते हुए उनसे बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष कुमार हिसारिया का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन जगदीश प्रसाद मूंधड़ा, वाइस चेयरपर्सन पद्मा मूंधड़ा एवं प्राचार्य सुब्रत कुंडु की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता हिसारिया ने अपने उद्बोधन में साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन मित्रता न करने तथा केवल वास्तविक जीवन में परिचित लोगों से ही संपर्क बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने ऑनलाइन गेम्स के बढ़ते दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि कोई बच्चा अचानक मायूस रहने लगे, किसी से बात करने से कतराए या पढ़ाई नहीं करे, मित्रों के साथ खेलना, बात करना आदि कम कर दे, तो इसे अभिभावकों को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह साइबर अपराध का शिकार होने का संकेत भी हो सकता है। साथ ही ईमेल (जीमेल) आदि खातों के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज से दूर रहने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाए, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के साथ-साथ नजदीकी पुलिस थाने में भी सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता हर्ष कुमार हिसारिया को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राचार्य ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है तथा इस प्रकार के कार्यक्रम समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
