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बीकानेर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव सुंदरलाल बेनीवाल ने प्रेस बयान जारी कर जिले में हुई भारी ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए व्यापक नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बेनीवाल ने कहा कि कुदरत की इस मार ने बीकानेर के अन्नदाता की कमर तोड़ दी है, विशेषकर पकने को तैयार खड़ी गेहूँ और सरसों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।

​माकपा नेता ने राज्य सरकार से माँग की है कि ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में बिना विलंब किए ‘विशेष गिरदावरी’ के आदेश दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनियों के भरोसे किसानों को न छोड़कर सरकार स्वयं आगे आए और प्रति बीघा के आधार पर उचित नकद मुआवजा किसानों के खातों में हस्तांतरित करे।
​बेनीवाल ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों को मंडियों में बिचौलियों के रहमों-करम पर नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार तुरंत प्रभाव से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूँ की सरकारी खरीद शुरू करे और खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि किसानों को अपनी बची-खुची उपज औने-पौने दामों पर न बेचनी पड़े।
​उन्होंने आरोप लगाया कि फसल बीमा कंपनियाँ केवल प्रीमियम वसूलने में सक्रिय रहती हैं, लेकिन जब किसान पर आपदा आती है, तो नियम और शर्तों के जाल में फंसाकर क्लेम खारिज कर दिए जाते हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक प्रभावित किसान को उसका हक मिले।
​”किसान पहले ही कर्ज और बढ़ती लागत से परेशान है, ऊपर से इस प्राकृतिक आपदा ने उसे दाने-दाने को मोहताज कर दिया है। यदि सरकार ने जल्द ही मुआवजे और MSP पर खरीद की ठोस घोषणा नहीं की, तो सीपीआईएम किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरने और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।”
— सुंदरलाल बेनीवाल (जिला सचिव, CPIM)।

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