बीकानेर।पार्षद श्रीमती सुधा आचार्य जो कि एक समाजसेविका भी है, ने घरेलू चिड़िया को बचाने के लिए एक मुहिम प्रारंभ कर रखी है‌, लगभग 5000 चिड़िया के मिट्टी के बने हुए घर , जिन्हें सुधा आचार्य ने “चिड़िया के महल” का नाम दिया है,अभी तक बीकानेर के अलावा राजस्थान के अनेक शहरों में लगाए जा चुके हैं।

इसी से प्रेरित होकर आज जयपुर नगर निगम ग्रेटर के वार्ड न० 8 (विद्याधर नगर )में श्रीमति उषा कामदार ने छोटी चिड़िया जो पर्यावरण के लिए आवश्यक है ,को बचाने की मुहिम की शुरूआत की ।

श्रीमति कामदार ने बताया कि शहरों में घर ,भवन,फ्लेटस सब चारों तरफ से बंद बन रहें हैं , कोई जाली झरोखा,आले नहीं रखते हैं ।इस नन्हें पंछी (चिड़िया) को प्रजनन की सुरक्षित जगह नहीं मिल पाती है अतः ये बिजली मीटरों के ऊपर की खाली जगह ,लेटर बाक्स व अन्य ऐसी ही असुरक्षित जगहों पर अण्डें देती है जहां इनके बच्चें काल के ग्रास बन जाते हैं ।

इन नन्हे बच्चों को सुरक्षित जन्म देने व संरक्षण के लिए बीकानेर की श्रीमती सुधा आचार्य ने अभियान चला कर छोटी चिड़िया को बचाने का बीङा उठाया है । श्रीमति आचार्य ने “चिड़िया महल” विशेष रूप का पोकरण (जैसलमेर) से बनवा कर बीकानेर के सार्वजनिक उद्यानों , घरों, मोहल्लों में लगाऐ है ।

इसी मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आज विद्याधर नगर के सेक्टर-9 के सार्वजनिक उद्यान में डा०सुमन राजवंशी (पार्षद) के नैतृत्व में चिङिया महल लगाए गए । इस मुहिम में श्रीमति गीता राघव ,श्री जवान सिंह, श्री कमलेश गुप्ता,श्री मिनोचा आदि पर्यावरणविदों ने भाग लिया ।