













बीकानेर,पर्यटन विभाग की उपनिदेशक ने कहा, इस योजना से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. पर्यटक राजस्थान के गांव, वहां की सभ्यता, संस्कृति, खूबसूरती को देख पाएंगे.राजस्थान एक टूरिस्ट स्टेट है और यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं. पर्यटक यहां शहरों में स्थित ऐतिहासिक महल सहित अन्य धरोहर देखते हैं, लेकिन अब वे गांव की हरियाली, संस्कृति और वहां की दिनचर्या भी देख सकेंगे क्योंकि राजस्थान सरकार ने ग्रामीण पर्यटन योजना-2022 को मंजूरी दे दी है. पर्यटकों के लिए वहां शहरों जैसी व्यवस्था भी की जाएगी. इसके पीछे कारण है कि राजस्थान में ऐसे कई ग्रामीण क्षेत्र हैं जहां की खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं है और वहां की संस्कृति भी छुपी हुई है. इस छुपी हुई विरासत को पर्यटक करीब से देख पाएंगे. योजना में क्या होगी व्यवस्था-
गेस्ट हाउस-सवाल यह आता है कि पर्यटक अगर गांव में आएंगे तो उनके लिए रुकने की क्या व्यवस्था होगी. इसके लिए योजना के अंतर्गत गेस्ट हाउस का निर्माण किया जाएगा. गांव में 6 से 20 कमरों का अस्थाई आवास बनाया जा सकता है जिससे पर्यटकों को रोकने की सुविधा मिल सके. साथ ही यहां स्थानीय देशी भोजन की भी पूरी सुविधा होगी. इसमें भी तय है कि कितनी एरिया में कितना बड़ा गेस्ट हाउस होना चाहिए.
कृषि पर्यटन इकाई-पर्यटकों को राजस्थान के कृषि क्षेत्र से रूबरू कराने के लिए कृषि पर्यटन इकाई की भी स्थापना की जाएगी. इसमें व्यवसाय एवं औद्योगिक भूमि कम से कम 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर बनाई जाएगी जिसमें से 20% पर ही निर्माण कार्य किया जा सकेगा और 80% क्षेत्र में गौशाला, ऊंट घोड़ा का फॉर्म, कृषि उत्पादन आदि होगा.कैंपिंग साइट-इसका क्षेत्रफल 1 हेक्टेयर होगा जिसमें 10% पर ही निर्माण किया जा सकेगा बाकी के क्षेत्र में बगीचा, उंट-घोड़ा फार्म और पशुधन निर्माण किया जा सकेगा. इसमें पर्यटकों के लिए खाने की व्यवस्था होगी.
कैरावन पार्क-इसके तहत पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग एरिया बनाया जाएगा. साथ ही बिजली, पानी, स्नानघर, शौचालय, सिवरेज आदि बुनियादी सुविधाएं होंगी.
सरकार की तरफ से रहेगी छूट
कोई भी व्यक्ति इस योजना के तहत अपने क्षेत्र में पर्यटकों के लिए सुविधाएं करना चाहता है तो उसके लिए सरकार से भी छूट दी जा रही है. लैंड कनवर्जन, स्टाम्प ड्यूटी, बिल्डिंग प्लान और ब्याज में अनुदान की सुविधाएं दी जाएंगी. पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना का कहना है कि ग्रामीण पर्यटन को इस योजना से बढ़ावा मिलेगा. इससे पर्यटक राजस्थान के गांव, वहां की सभ्यता और संस्कृति के साथ वहां की खूबसूरती देख पाएंगे, साथ ही ग्रामीण रोजगार भी बढ़ेगा.
