बीकानेर। कोविड-१९ से मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के जिलों में की गई ‘कोविड हैल्थ कन्सलटेंटÓ एवं ‘कोविड स्वास्थ्य सहायकÓ की भर्ती को लेकर बीकानेर में गड़बड़ी होने की आशंका प्रबल हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने सीएचए के लिए तय मापदंडों को दरकिनार कर दूसरे जिले के अभ्यर्थियों का चयन कर सूची जारी कर दी है, जबकि प्रदेश के ३२ जिलों में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई।
सरकार के आदेश के बाद जिला स्तर पर सीएचए का चयन किया जाना था। सीएचए पदों के लिए करीब १८०० आवेदन आए। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो ९१५ का चयन करना था लेकिन ५४० ही योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया। शेष २८० से अधिकारी और अयोग्य अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। चयनित अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी हैं।

यह है मामला
प्रदेश में कोविड-१९ के कारण बनी परिस्थितियों में राज्य सरकार ने संक्रमण को तोडऩे, मरीजों को समुचित उपचार, चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने एवं मृत्युदर को कम करने के लिए घर-घर सर्वे एवं दवाई वितरण कार्य को गति देने के उद्देश्य से ‘कोविड हैल्थ कन्सलटेंटÓ एवं ‘कोविड स्वास्थ्य सहायकÓ की भर्ती करने के आदेश जारी किए थे। आदेश में प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक कोविड स्वास्थ्य सहायक एवं प्रत्येक सीएचसी पर दो व प्रत्येक पीएचसी पर तीन एवं शहरी क्षेत्र में प्रति वार्ड दो कोविड स्वास्थ्य सहायक का नियोजन करना। आदेश में स्पष्ट है कि चयन सूची में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए। अभ्यर्थियों की संख्या जिले के लिए आबंटित कोविड स्वास्थ्य सहायक की संख्या कम होने पर ही अन्य जिलों के अभ्यर्थियों का मेरिट के अनुसार चयन किया जाए।

यह उठ रहे सवाल
– सीएचए चयन में गृह जिले को नहीं दी गई प्राथमिकता
– बीकानेर में दूसरे जिले के अभ्यर्थियों का किया गया है चयन
– चयन सूची में नाम के आगे प्रतिशत नहीं दर्शाया गया
– सरकार के नियमानुसार उक्त भर्ती में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू नहीं किया गया
– चयन सूची में कम प्राप्तांक वाले अभ्यर्थियों का नाम है जबकि अधिकतम अंकों वाले अभ्यर्थियों का नाम नहीं

भर्ती प्रक्रिया की जांच हो
बीकानेर में सीएचए के पदों पर की गई भर्ती में गड़बड़ी की गई है। प्रदेश के ३२ जिलों में स्थानीय योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया है जबकि बीकानेर एकमात्र ऐसा जिला है जिसने दूसरे जिले के अभ्यर्थियों का चयन कर सूची जारी कर दी है जो गलत है। इससे स्पष्ट है कि सीएचए चयन पारदर्शिता की श्रेणी में नहीं है। इसका संगठन पूरजोर विरोध करता है। सरकार भर्ती प्रक्रिया की जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
श्रवण कुमार वर्मा, जिलाध्यक्ष राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन

इनका कहना है…
बीकानेर जिले के ही अभ्यर्थियों का चयन किया जा रहा है। आवेदन करते समय कई अभ्यर्थियों ने बीकानेर लिख दिया था लेकिन कागजात वेरिफकेशन के दौरान दूसरे जिले के पाए जाने पर उन्हें आउट कर रहे हैं। ऐसे में शेष रहे पदों के लिए वेटिंग लिस्ट एक-दो दिन में निकाल दी जाएगी।