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बीकानेर, राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर में शनिवार को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026‘ “विज्ञान में महिलाए: विकसित भारत की उतप्रेरिता” विषय पर उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलगुरु वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर डॉ. सुमंत व्यास ने अपने उद्बोधन में कहा कि विज्ञान सीधे तौर पर रचनात्मकता से जोड़ता है। विज्ञान और तकनीक में महिलाओं के योगदान का जिक्र करते हुए कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि महिलाऐं आज अंतरिक्ष, अनुसंधान, चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है जो कि पशुपालन से आर्थिक उन्नति का आधार है। पशुपालन आधारित देश की अर्थव्यवस्था में प्रत्येक पशुधन का अमूल्य योगदान है। अतः पशुधन को रोजगारोन्मुखी बनाने के प्रयास करने चाहिए ताकि विकसित भारत की अवधारणा पूर्ण हो सके। वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर के अधिष्ठाता प्रो. बी.एन. श्रृंगी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि महिलाओं के वैज्ञानिक सोच के बिना विकसित भारत की परिकल्पना नहीं की जा सकती। कार्यक्रम के दौरान प्रो. मनीषा माथुर ने महिला वैज्ञानिकों का जिक्र करते हुए “विज्ञान में महिलाए: विकसित भारत की उतप्रेरिता“ विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रतिष्ठा शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं डॉ. अशोक गौड़ ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम के दौरान निदेशक पी.एम.ई. प्रो. उर्मिला पान्नू, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. पंकज कुमार थानवी सहित संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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